शनिवार, सितंबर 19 2026 | 01:28:13 PM

रिकॉर्ड ऊंचाई पर सोना-चांदी: कानपुर में ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा भाव, जानें आभूषणों का अंतिम रेट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

कानपुर | शुक्रवार, 5 जून 2026

उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर के सर्राफा बाजार में आज पीली धातु की चमक और तेज हो गई है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों और घरेलू स्तर पर शादी-ब्याह के सीजन की भारी मांग के चलते सोने और चांदी की कीमतों ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यदि आप भी इस लग्न (शादी के सीजन) में सोने के आभूषण या चांदी के सिक्के खरीदने की सोच रहे हैं, तो बाजार जाने से पहले आज के सटीक रेट और आभूषणों पर लगने वाले अतिरिक्त टैक्स की गणना को अच्छी तरह समझ लें।

बाजार सूत्रों के अनुसार, शुद्ध 24 कैरेट सोने का भाव अब ₹15,625 प्रति ग्राम (यानी ₹1,56,250 प्रति 10 ग्राम) के पार बना हुआ है, जबकि औद्योगिक मांग और मजबूत वैश्विक रुख के कारण चांदी की कीमतें भी ₹2,80,000 प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू रही हैं।

कानपुर में आज सोने का ताजा भाव (Gold Rate Today)

सर्राफा बाजार एसोसिएशन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, शुद्धता के आधार पर आज प्रति 10 ग्राम सोने की कीमतें निम्नलिखित दायरे में देखी गईं:

  • 24 कैरेट सोना (99.9% शुद्ध): ₹1,56,250 से ₹1,56,260 (प्रति 10 ग्राम)

  • 22 कैरेट सोना (आभूषण के लिए): ₹1,43,240 से ₹1,43,250 (प्रति 10 ग्राम)

  • 18 कैरेट सोना (कम बजट/मजबूत आभूषण): ₹1,17,230 से ₹1,17,250 (प्रति 10 ग्राम)

नोट: 24 कैरेट सोने का उपयोग केवल सिक्कों या बिस्कुट के रूप में निवेश के लिए होता है। सामान्यतः आभूषण (Jewelry) बनाने के लिए 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने का ही इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि शुद्ध सोना बेहद लचीला होता है।

चांदी की कीमतों में भी भारी मजबूती (Silver Price Today)

चांदी चमकीली धातुओं में इस समय सबसे तेजी से बढ़ रही है। आज कानपुर में चांदी के खुदरा और थोक भाव कुछ इस प्रकार दर्ज किए गए:

मात्रा (Weight) आज का ताजा भाव (Price)
1 ग्राम ₹280
10 ग्राम ₹2,800
100 ग्राम ₹28,000
1 किलोग्राम (थोक दर) ₹2,80,000

⚠️ ग्राहकों के लिए जरूरी जानकारी: अंतिम बिल में ऐसे जुड़ते हैं छिपे हुए शुल्क

सर्राफा बाजार की ओर से रोजाना जो भाव जारी किए जाते हैं, वे केवल धातु की ‘मूल कीमत’ (Base Price) होती हैं। जब आप किसी शोरूम या स्थानीय सुनार से आभूषण खरीदते हैं, तो अंतिम बिलिंग में महत्वपूर्ण सुधार और बदलाव देखने को मिलते हैं, जिनकी जानकारी हर ग्राहक को होनी चाहिए:

  1. मेकिंग चार्जेस (गढ़ाई शुल्क): डिजाइन की जटिलता के आधार पर अलग-अलग ज्वेलर्स सोने के वजन पर 5% से लेकर 25% तक मेकिंग चार्ज वसूलते हैं।

  2. 3% जीएसटी (GST): भारत सरकार के नियमों के अनुसार, सोने की मूल कीमत और मेकिंग चार्ज दोनों को मिलाकर जो कुल राशि बनती है, उस पर 3% वस्तु एवं सेवा कर (GST) लगाया जाता है।

? अंतिम बिल की गणना का सूत्र (Formula):

अंतिम बिल = सोने की मूल कीमत + मेकिंग चार्ज + 3% जीएसटी (कुल राशि पर)

स्मार्ट बायर टिप: हमेशा आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्जेस पर मोलभाव (Bargaining) जरूर करें। इसके अलावा, शुद्धता की जांच के लिए गहनों पर सरकार द्वारा अनिवार्य किया गया 6-डिजिट का HUID कोड (Hallmark Unique Identification) अवश्य चेक करें।

विशेषज्ञों की राय और बाजार का भविष्य

आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां और भारतीय रुपये के मुकाबले डॉलर की स्थिति के कारण सोने में तेजी बनी हुई है। कानपुर सर्राफा बाजार के कारोबारियों के मुताबिक, ऊंचे दामों की वजह से कुछ ग्राहक फिलहाल कीमतों में थोड़ी नरमी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन शादी-ब्याह के लिए अनिवार्य खरीदारी के कारण बाजार में लिक्विडिटी और हलचल बनी हुई है।

(अस्वीकरण: सोने-चांदी के दाम स्थानीय एसोसिएशन, शुद्धता और संबंधित ज्वेलर्स के शोरूम के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं। किसी भी अंतिम लेनदेन से पहले अपने स्थानीय विश्वसनीय विक्रेता से दरों की पुष्टि अवश्य कर लें।)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।