नई दिल्ली । सोमवार, 6 जुलाई 2026
देश की राजधानी को दहलाने और सीमा पार से हथियारों की खेप सप्लाई करने की एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश को नाकाम कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Delhi Police Special Cell) ने मुस्तैदी दिखाते हुए पाकिस्तान में बैठे कुख्यात गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। स्पेशल सेल ने दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर दो अलग-अलग खतरनाक मॉड्यूलों का भंडाफोड़ किया है और इस कार्रवाई में कुल 6 सक्रिय गुर्गों (ऑपरेटिव्स) को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इनमें से पहला मॉड्यूल दिल्ली के वीवीआईपी इलाकों या पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की फिराक में था, जबकि दूसरा मॉड्यूल सीमा पार से अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी कर देश में आतंकी व आपराधिक गतिविधियों के लिए फंडिंग जुटा रहा था।
दो अलग-अलग खतरनाक मॉड्यूलों का ऐसे हुआ खुलासा
स्पेशल सेल की जांच में सामने आया है कि ये दोनों मॉड्यूल पाकिस्तान में छिपे आईएसआई (ISI) के इशारे पर काम करने वाले हैंडलर्स के जरिए सीधे जुड़े हुए थे।
मॉड्यूल-1: दिल्ली में आतंकी हमले और पेट्रोल बम की साजिश
पहला मॉड्यूल पूरी तरह से दिल्ली को अशांत करने के उद्देश्य से सक्रिय था। इसे पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर राणा हुनैन (जो शहजाद भट्टी का बेहद करीबी सहयोगी है) द्वारा संचालित किया जा रहा था। इस मॉड्यूल का मुख्य काम दिल्ली के किसी महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थान या पुलिस थानों पर ‘पेट्रोल बम’ (मोलोटोव कॉकटेल) से हमला करना था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर दिल्ली के विजय घाट इलाके से घेराबंदी कर दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया:
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दानिश उर्फ चांद मिया (24 वर्ष) – निवासी: खतौली, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)
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सलमान (20 वर्ष) – निवासी: खतौली, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)
भूमिका और लालच: पूछताछ में पता चला है कि दानिश को दिल्ली के प्रमुख ठिकानों और धार्मिक स्थलों की रेकी करने तथा हमले का पूरा खाका तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस काम के एवज में उसे पाकिस्तानी हैंडलर की तरफ से ₹20,000 देने का वादा किया गया था। वहीं, उसका साथी सलमान इस पूरे पेट्रोल बम हमले का लाइव वीडियो बनाने वाला था, जिसे सोशल मीडिया या पाकिस्तानी आकाओं को भेजकर दहशत फैलाई जा सके।
मॉड्यूल-2: ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी का नेटवर्क
दूसरा मॉड्यूल पूरी तरह से हथियारों की लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को संभाल रहा था। इसे पाकिस्तान में बैठा दूसरा आईएसआई हैंडलर हसन गुज्जर (शहजाद भट्टी का सहयोगी) ऑपरेट कर रहा था। यह मॉड्यूल भारत-पाकिस्तान सीमा पर पंजाब के रास्ते ड्रोन के जरिए अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी कर रहा था। इन हथियारों को दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश (यूपी) के अपराधियों व राष्ट्रविरोधी तत्वों को मोटी कीमत पर बेचा जाता था और उससे मिलने वाले फंड का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जाता था।
इस मॉड्यूल से जुड़े चार शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया गया है:
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तैयब (27 वर्ष) – निवासी: शाहीनबाग, नई दिल्ली (मुख्य काम: हथियारों की खेप रिसीव करना और बेचना)।
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जुबैर खान (24 वर्ष) – निवासी: मोदीनगर, गाजियाबाद (मुख्य काम: अमृतसर जाकर हथियारों की डिलीवरी लेना)।
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अली फजल (26 वर्ष) – निवासी: लिसारी गेट, मेरठ (मुख्य काम: हथियारों के खरीदार ढूंढना और बेचना)।
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मलकीत सिंह (36 वर्ष) – निवासी: कोहाला, अमृतसर (मुख्य काम: पाकिस्तान से ड्रोन द्वारा गिराए गए हथियारों को भारतीय सीमा में ढूंढकर आगे सप्लाई करना)।
भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और पेट्रोल बम बरामद
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दोनों मॉड्यूलों के कब्जे से ऐसे डिजिटल और फिजिकल साक्ष्य बरामद किए हैं, जो सीधे तौर पर पाकिस्तान कनेक्शन की पुष्टि करते हैं।
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मॉड्यूल-1 से बरामदगी: तीन तैयार पेट्रोल बम (मोलोटोव कॉकटेल), एक चोरी की मोटरसाइकिल, ₹2,000 नगद और सबसे महत्वपूर्ण—ऐसे मोबाइल फोन जिनमें पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ की गई चैट, संवेदनशील स्थानों के फोटो और वीडियो मौजूद हैं।
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मॉड्यूल-2 से बरामदगी: तीन अत्याधुनिक पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस, तस्करी में इस्तेमाल होने वाली दो कारें (हुंडई वरना और फोर्ड इकोस्पोर्ट) तथा पाकिस्तानी आकाओं से जुड़े एन्क्रिप्टेड मोबाइल फोन।
कड़े कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज, जांच जारी
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने स्पेशल सेल थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट (Arms Act) की विभिन्न कड़क धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
स्पेशल सेल के आला अधिकारियों का कहना है कि शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ यह कार्रवाई अभी थमी नहीं है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके पूरे स्लीपर सेल नेटवर्क, फंडिंग के स्रोतों, हथियारों की अंतिम सप्लाई चेन और उनके मोबाइल से मिले डेटा के आधार पर संभावित ठिकानों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में दिल्ली, यूपी और पंजाब से कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Matribhumisamachar


