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कानपुर स्कूल अवकाश समाचार: कड़ाके की ठंड के कारण कक्षा 8 तक स्कूल बंद, बड़ी कक्षाओं का समय बदला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर. भीषण ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टियों और समय में बदलाव को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।उत्तर प्रदेश के कानपुर सहित पूरे उत्तर भारत में जारी भीषण शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए कानपुर जिला प्रशासन ने छात्र सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों के लिए नए आदेश जारी किए हैं। पारा गिरने और सुबह के समय दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण यह निर्णय लिया गया है।

प्रमुख अपडेट्स:

  • कक्षा 8 तक पूर्ण अवकाश: कानपुर नगर और देहात के सभी बोर्डों (UP Board, CBSE, ICSE) के परिषदीय, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में कक्षा 8 तक की छुट्टियां 15 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई हैं।

  • बड़ी कक्षाओं के लिए समय में बदलाव: कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन उनके समय में बदलाव किया गया है। अब ये कक्षाएं सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक संचालित की जाएंगी, ताकि छात्रों को सुबह की अत्यधिक ठंड से बचाया जा सके।

  • ऑनलाइन शिक्षा का विकल्प: प्रशासन ने स्कूलों को सुझाव दिया है कि छुट्टियों के दौरान यदि संभव हो तो कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं ताकि पढ़ाई का नुकसान न हो।

जिलाधिकारी के निर्देश:

जिलाधिकारी (DM) ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल इन आदेशों का पालन अनिवार्य रूप से करें। जो स्कूल आदेशों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, बच्चों को ठंड से बचाने के लिए स्कूलों में उचित व्यवस्था (जैसे हीटर या अन्य साधन) सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मौसम का हाल:

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों तक कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में घना कोहरा और शीत दिवस (Cold Day) की स्थिति बनी रहेगी। पछुआ हवाओं के कारण गलन और बढ़ने की संभावना है, जिससे न्यूनतम तापमान $5^\circ\text{C}$ से नीचे जा सकता है।

नोट: अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों के स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप या स्कूल प्रशासन से संपर्क बनाए रखें, क्योंकि मौसम की स्थिति के आधार पर छुट्टियों को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।