जयपुर. राजस्थान के सीकर जिले में शनिवार की सुबह भूकंप के झटकों के साथ हुई। सुबह 6 बजकर 32 मिनट पर आए इन झटकों ने जिले के कई हिस्सों में हलचल मचा दी। सबसे ज्यादा दहशत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में देखी गई, जहां भारी संख्या में मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग डर के मारे अपने होटलों और धर्मशालाओं से बाहर निकल आए।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.5 मापी गई है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का केंद्र सीकर क्षेत्र के आसपास ही जमीन के भीतर स्थित था। तीव्रता कम होने के बावजूद झटके इतने साफ थे कि लोगों के घरों में रखे बर्तन गिरने लगे और छत के पंखे हिलते देखे गए।
इन इलाकों में रहा असर
भूकंप का असर केवल सीकर शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले के अन्य कस्बों में भी महसूस किया गया:
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खाटूश्यामजी: श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी का माहौल।
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रानोली, फतेहपुर और लक्ष्मणगढ़: ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग घरों से बाहर आए।
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आसपास के गांव: कई ग्रामीणों ने तेज गड़गड़ाहट जैसी आवाज सुनने का भी दावा किया।
जान-माल का कोई नुकसान नहीं
प्रशासन के लिए राहत की बात यह रही कि अभी तक जिले में कहीं से भी किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़ी संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि 3.5 तीव्रता का भूकंप “हल्का” माना जाता है, जिससे पुरानी या कच्ची इमारतों में मामूली दरारें आने की आशंका रहती है, लेकिन बड़े विनाश का खतरा कम होता है।
विशेषज्ञों की सलाह
भूकंप विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि झटके महसूस होने पर घबराएं नहीं और लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का प्रयोग करें। यदि संभव हो, तो तुरंत खुले मैदान की ओर निकल जाएं या किसी मजबूत मेज के नीचे शरण लें।
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