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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की शुरुआत: तेहरान के तेल डिपो तबाह, ईरान ने UAE पर दागीं 100 से ज्यादा मिसाइलें

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ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का संबोधन

तेहरान. मध्य-पूर्व में तनाव अब एक पूर्ण विकसित क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले चुका है। इजराइल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई ने ईरान के हृदय स्थल ‘तेहरान’ को दहला दिया है। नवीनतम जानकारी के अनुसार, ईरान के सबसे बड़े तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है।

तेहरान के तेल रिफाइनरी और डिपो स्वाहा

इजरायली वायुसेना और अमेरिकी लंबी दूरी के बमवर्षक विमानों ने तेहरान के दक्षिण में स्थित ‘शरान’ (Sharan) और ‘शहर रे’ (Shahr-e-Rey) तेल सुविधाओं पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है।

  • भीषण तबाही: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके इतने तेज थे कि पूरी राजधानी थर्रा गई।

  • ऊर्जा संकट: इन रिफाइनरियों में लगी आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है, जिससे ईरान की घरेलू ईंधन आपूर्ति पूरी तरह ठप होने की कगार पर है।

  • रणनीतिक चोट: विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के उद्देश्य से किया गया है।

ईरान का पलटवार: UAE पर ड्रोन और मिसाइलों की बारिश

हमलों के कुछ ही घंटों बाद, ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई शुरू की। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर 109 आत्मघाती ड्रोन और 9 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।

हालांकि, UAE के उन्नत ‘थाड’ (THAAD) और ‘पैट्रियट’ एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अधिकांश खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके बावजूद, मलबे गिरने से कुछ बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुँचा है। जॉर्डन और खाड़ी के अन्य देशों ने भी अपने हवाई क्षेत्र में ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की है।

युद्ध का बढ़ता दायरा: लेबनान में हाहाकार

यह युद्ध केवल ईरान तक सीमित नहीं है। लेबनान की बेका घाटी (Bekaa Valley) में इजराइली हवाई हमलों ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है।

  • मृतकों का आंकड़ा: आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में अब तक 1,332 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

  • लेबनान की स्थिति: यहाँ मरने वालों की संख्या 200 से अधिक हो गई है, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक और लड़ाके शामिल हैं।


डोनाल्ड ट्रंप का अल्टीमेटम: “बिना शर्त आत्मसमर्पण करें”

अमेरिकी राजनीति में भी इस युद्ध की गूंज सुनाई दे रही है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। ट्रंप ने मांग की है कि ईरान को तुरंत “बिना शर्त आत्मसमर्पण” (Unconditional Surrender) कर देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य शक्ति अब लगभग समाप्त हो चुकी है और वह अमेरिका के सामने टिकने की स्थिति में नहीं है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरा: $200 के पार होगा कच्चा तेल?

कतर के ऊर्जा मंत्री ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। यदि खाड़ी देशों (Gulf Countries) से तेल और गैस का निर्यात बाधित होता है, तो:

  1. गैस की कीमतें: वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक गैस की कीमतें 4 गुना तक बढ़ सकती हैं।

  2. सप्लाई चेन: जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होने की स्थिति में पूरी दुनिया में महंगाई का नया तूफान आ सकता है।

मध्य-पूर्व की यह जंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। एक तरफ इजराइल-अमेरिका का सैन्य गठबंधन है, तो दूसरी तरफ ईरान और उसके सहयोगी। दुनिया की नजरें अब संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक नेताओं पर टिकी हैं कि क्या इस महाविनाश को रोका जा सकता है।

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