सोमवार, जून 08 2026 | 02:29:13 AM
Breaking News
Home / राज्य / पूर्वोत्तर भारत / गोलपारा विवाद: लंच बॉक्स में बीफ लाने और जबरन खिलाने के आरोप के बाद बड़ा एक्शन, मांसाहारी टिफिन पर लगा बैन

गोलपारा विवाद: लंच बॉक्स में बीफ लाने और जबरन खिलाने के आरोप के बाद बड़ा एक्शन, मांसाहारी टिफिन पर लगा बैन

Follow us on:

गुवाहाटी । रविवार, 7 जून 2026

असम के सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले गोलपारा (Goalpara) जिले से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के कृष्णई इलाके में स्थित हाबराघाट हायर सेकेंडरी स्कूल (Habraghat Higher Secondary School) में नौवीं कक्षा के कुछ मुस्लिम छात्रों द्वारा अपने टिफिन बॉक्स में बीफ (गोमांस) लाने और उसे अपने हिंदू सहपाठियों को जबरदस्ती खिलाने का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया है। हालांकि, पुलिस और जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना टिफिन ब्रेक के दौरान की बताई जा रही है। स्कूल के नौवीं कक्षा के 5 मुस्लिम छात्र अपने साथ घर से टिफिन बॉक्स में बीफ लेकर आए थे। आरोप है कि उन्होंने न केवल स्कूल परिसर में प्रतिबंधित मांस का सेवन किया, बल्कि चम्मच में बीफ के टुकड़े लेकर दो हिंदू सहपाठियों के मुंह के पास ले गए और उन्हें जबरन खिलाने की कोशिश की। हिंदू छात्रों ने सूझबूझ दिखाई और चम्मच को झटके से दूर हटा दिया, जिससे मांस जमीन पर गिर गया। इसके बाद पीड़ित छात्रों ने उसे पैरों से कुचल दिया और वहां से चले गए।

इस घटना से आहत और डरे हुए छात्रों ने जब इसकी जानकारी स्कूल के एक शिक्षक और प्रिंसिपल को दी, तो आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को समझने के बजाय इसे दबाने का प्रयास किया। प्रिंसिपल ने बच्चों से कहा कि अगर वे इस बात को बाहर ले जाएंगे, तो मामला और तूल पकड़ लेगा। लेकिन जब डरे-सहमे बच्चे घर पहुंचे—जिनमें से एक छात्र ने डर के मारे शुक्रवार से कुछ खाया भी नहीं था—तो उन्होंने पूरी बात अपने परिजनों को बताई। इसके बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा।

पुलिस की सख्त कार्रवाई: एक महिला गिरफ्तार

शनिवार को भारी संख्या में स्थानीय लोग और पीड़ित बच्चों के माता-पिता स्कूल पहुंचे और प्रशासन से जवाबदेही की मांग करते हुए हंगामा किया। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कृष्णई पुलिस स्टेशन में औपचारिक एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई।

पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए पाँचों आरोपी छात्रों और उनके अभिभावकों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। गोलपारा के एसएसपी (SSP) नबनीत महंता के अनुसार:

“यह कृत्य बेहद गलत है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी छात्र की माँ, नूर साहिदा बेगम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत (Jail) में भेज दिया गया है, जबकि उनके नाबालिग बेटे को भी हिरासत में लिया गया है।”

जिला आयुक्त ने जारी कीं टिफिन बॉक्स गाइडलाइंस

स्थिति की समीक्षा करने और इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए गोलपारा के जिला आयुक्त (DC) प्रदीप तिमुंग और एसएसपी नबनीत महंता ने खुद शनिवार को स्कूल का दौरा किया। स्थानीय लोग आरोपी छात्रों को स्कूल से निष्कासित करने की मांग कर रहे हैं।

इस बीच, भविष्य में ऐसी किसी भी धार्मिक या सामाजिक भावना को आहत करने वाली स्थिति से बचने के लिए जिला आयुक्त ने जिले के सभी स्कूलों के लिए लंच बॉक्स से जुड़ी नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं:

  • मांसाहार पर पूरी तरह रोक: अब स्कूलों में छात्र टिफिन बॉक्स में किसी भी प्रकार का मांस (Meat) या मछली (Fish) नहीं ला सकेंगे।

  • केवल शाकाहारी भोजन को अनुमति: सभी छात्रों को केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन लाने के निर्देश दिए गए हैं।

  • अंडे को मिली छूट: इस प्रतिबंध में अंडे (Eggs) को छूट दी गई है, यानी छात्र टिफिन में अंडा ला सकते हैं, लेकिन अन्य कोई मांसाहारी चीज प्रतिबंधित रहेगी।

सामाजिक पृष्ठभूमि और सुधार की आवश्यकता

2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, गोलपारा जिला जनसांख्यिकीय रूप से काफी संवेदनशील है, जहाँ लगभग 57% मुस्लिम और 34% हिंदू आबादी रहती है। ऐसे इलाकों में बच्चों के बीच इस तरह की हरकतें सामाजिक ताने-बाने को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती हैं।

एक सुधार जो ज़रूरी है: इस पूरे मामले में स्कूल प्रशासन की भूमिका सबसे कमजोर कड़ियों में से एक रही। शुरुआती स्तर पर मामले को ‘पहली गलती’ मानकर रफा-दफा करने या बच्चों को चुप रहने की हिदायत देने के बजाय, यदि स्कूल ने उसी समय दोनों पक्षों के माता-पिता को बुलाकर सख्त हिदायत दी होती या पुलिस को सूचित किया होता, तो शायद शनिवार को पैदा हुआ तनाव टाला जा सकता था। शिक्षण संस्थानों को यह समझना होगा कि ऐसी संवेदनशील घटनाओं में पारदर्शिता और त्वरित न्याय ही एकमात्र समाधान है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

असम के श्रीभूमि में मंदिर परिसर में तनाव: दानपात्र पर गोवंश का अवशेष मिलने से फूटा हिंदू संगठनों का गुस्सा

मदनपुर । शनिवार, 30 मई 2026 असम के नवनिर्मित जिले श्रीभूमि (पूर्व में करीमगंज का …