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शामली धर्मांतरण मामला: आयुष मलिक केस में युवती और मौलवियों समेत 10 पर FIR, जानें क्या है पूरा विवाद

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शामली । रविवार, 7 जून 2026

उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और विवादित मामला सामने आया है, जिसे लेकर इलाके में सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव बढ़ गया है। शहर के दयानंद नगर मोहल्ले के एक प्रतिष्ठित मेडिकल स्टोर संचालक देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक का कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने और फर्जी निकाहनामा तैयार करने के आरोप में पुलिस ने कुल 10 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

इस घटना के सामने आने और हिंदू संगठनों द्वारा महापंचायत के ऐलान के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

शिकायत के मुताबिक, यह पूरा मामला अचानक शुरू नहीं हुआ बल्कि इसके पीछे एक लंबी क्रोनोलॉजी बताई जा रही है।

  • मुलाकात और प्रभाव: प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, आयुष मलिक और काजीवाड़ा मोहल्ले की रहने वाली चांदनी कुरैशी की मुलाकात एक फिजियोथेरेपी सेंटर पर हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। चांदनी का भाई आस मोहम्मद कथित तौर पर आयुष के ही मेडिकल स्टोर पर काम करता था, जिससे उनका पीड़ित के घर और व्यवसाय में आना-जाना आसान हो गया।

  • साजिश और ब्लैकमेलिंग: आयुष के पिता देवराज मलिक का आरोप है कि चांदनी और उसके परिवार ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके बेटे को अपने प्रेमजाल में फंसाया। बाद में उसे डरा-धमकाकर और ब्लैकमेल कर मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि वह इस्लाम धर्म अपनाने पर मजबूर हो गया।

  • दिल्ली में निकाह और फर्जी दस्तावेज: पिता ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि करीब चार साल पहले आरोपियों ने मिलकर दिल्ली की एक मस्जिद में आयुष का जबरन धर्म परिवर्तन कराया और एक फर्जी निकाहनामा भी तैयार करवा लिया।

धन और संपत्ति हड़पने का गंभीर आरोप

देवराज मलिक शहर के एक जाने-माने और संपन्न व्यापारी हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में इस बात का विशेष उल्लेख किया है कि आरोपियों की मंशा केवल धर्म परिवर्तन तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा आर्थिक और संपत्ति का लालच भी है।

“पिछले करीब पांच सालों से चांदनी कुरैशी और उसके परिवार के लोग मेरे बेटे आयुष की सारी कमाई हड़प रहे हैं। विरोध करने पर हमारे पूरे परिवार पर इस्लाम अपनाने का दबाव डाला गया और हमें जान से मारने की धमकी दी गई। यह लोग हमारी करोड़ों रुपये की संपत्ति पर अवैध कब्जा करना चाहते हैं।”

देवराज मलिक, शिकायतकर्ता व पीड़ित के पिता

व्यवसायी पिता ने इस पूरे नेक्सस में कुछ बाहरी और रसूखदार लोगों के भी शामिल होने की आशंका जताई है, जो इस तरह के कथित ‘संगठित धर्मांतरण’ को बढ़ावा दे रहे हैं।

इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR

शनिवार देर रात पुलिस ने देवराज मलिक की तहरीर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए काजीवाड़ा निवासी युवती के पूरे परिवार और निकाह से जुड़े मौलवियों सहित 10 लोगों पर केस दर्ज किया है। आरोपियों की सूची इस प्रकार है:

  1. चांदनी कुरैशी (मुख्य आरोपी युवती)

  2. राहिल कुरैशी (बहन)

  3. सुमाइला (बहन)

  4. राबिया (बहन)

  5. हुमा कुरैशी (बहन)

  6. आस मोहम्मद (भाई)

  7. इस्लाम कुरैशी (पिता)

  8. मौलवी मुनव्वर

  9. दो अन्य अज्ञात मौलवी (जिन्होंने कथित निकाह और धर्मांतरण की प्रक्रिया कराई)

महापंचायत के ऐलान से गरमाया माहौल, पुलिस आई हरकत में

इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब बघरा स्थित योग साधना केंद्र के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज आयुष मलिक के समर्थन में उतर आए। शनिवार शाम तक जब पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज नहीं किया था, तो स्वामी यशवीर महाराज ने एक वीडियो जारी कर सीधे तौर पर प्रशासन को चुनौती दे डाली।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एलान किया कि यदि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती है, तो 12 जून को आरोपियों के इलाके यानी कुरैशी बस्ती में एक विशाल ‘हिंदू महापंचायत’ बुलाई जाएगी। यह वीडियो देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गया और स्थानीय खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया। माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए शामली कोतवाली पुलिस तुरंत हरकत में आई और शनिवार देर रात ही मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया।

पुलिस प्रशासन का क्या कहना है?

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया को बताया:

  • तहरीर के आधार पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

  • शनिवार को ही पुलिस की एक विशेष टीम ने युवती चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को कोतवाली बुलाकर लंबी पूछताछ की है।

  • प्रकरण से जुड़े सभी लोगों, गवाहों और पीड़ित के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

  • फरार चल रहे अन्य आरोपियों और मौलवियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस का यह भी कहना है कि शुरुआती जांच में कुछ ऐसे तथ्य मिले हैं जो आर्थिक लेन-देन और दबाव की ओर इशारा करते हैं, लेकिन पूरी सच्चाई विस्तृत जांच और कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद ही साफ हो पाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

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