छिंदवाड़ा । मंगलवार, 7 जुलाई 2026
छिंदवाड़ा पुलिस ने एक ऐसे शातिर और ‘हाई-फाई’ लाइफस्टाइल जीने वाले अपराधी को चंडीगढ़ से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो अपने ही मालिक के लाखों रुपये लेकर चंपत हो गया था। आरोपी इतना चालाक था कि उसने न सिर्फ अपना नाम बदला, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपनी पूरी पहचान ही बदल डाली थी। पुलिस अब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, जिससे कई अन्य बड़े मामलों के खुलासे होने की उम्मीद है।
शराब ठेके का ₹5.5 लाख का कलेक्शन लेकर हुआ था फरार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता कवंजीत सिंह बेदी का छिंदवाड़ा में शराब का ठेका है। उनकी खमारपानी स्थित शराब दुकान पर ‘हरभजन सिंह उर्फ हरभेज सिंह’ नाम का एक व्यक्ति काम करता था। बीती 20 जून को वह दुकान से शराब बिक्री का करीब साढ़े 5 लाख रुपये का कैश कलेक्शन लेकर बैंक में जमा करने निकला था, लेकिन वह पैसे जमा करने के बजाय रकम लेकर अचानक गायब हो गया। जब वह काफी समय तक वापस नहीं लौटा, तो पीड़ित ठेकेदार ने कोतवाली थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई।
उड़ीसा से लेकर पंजाब तक पुलिस ने मारी दबिश, चंडीगढ़ में दबोचा गया
कोतवाली थाना प्रभारी आशीष धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर जाल बिछाया और हरियाणा के हिसार, उत्तराखंड के रुद्रपुर और पंजाब के लुधियाना सहित कई राज्यों के अलग-अलग शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। आखिरकार, सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने चंडीगढ़ में घेराबंदी कर आरोपी (कथित हरभजन सिंह) को धर दबोचा।
हरभजन नहीं, ‘साबिर अली’ है असली नाम: ऐसे खुली फर्जीवाड़े की पोल
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से दो अलग-अलग आधार कार्ड बरामद हुए। एक आधार कार्ड पर उसका नाम ‘साबिर अली’ और दूसरे पर ‘हरभजन सिंह’ लिखा हुआ था।
जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी टूट गया और उसने अपना असली जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसका असली नाम साबिर अली है और वह सौरलीकला, जिला उधमपुर नगर (उत्तराखंड) का रहने वाला है।
अनाथ होने के बाद सिखों के बीच रहा, पंजाबी बोलकर जीता भरोसा
पूछताछ में आरोपी साबिर अली ने बताया कि बचपन में ही उसके माता-पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद वह पंजाब और आसपास के इलाकों में सिखों के बीच रहने लगा और वहीं काम करने लगा। लंबे समय तक साथ रहने के कारण वह बेहद साफ और ठेठ पंजाबी बोलना सीख गया। इसी का फायदा उठाकर उसने करीब 5-6 साल पहले हरियाणा से हरभजन सिंह के नाम का फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) तैयार करवाया।
इसी फर्जी हिंदू/सिख पहचान के दम पर उसने छिंदवाड़ा में शराब ठेकेदार के यहाँ नौकरी हासिल की और मालिक का भरोसा जीतकर इतनी बड़ी रकम लेकर रफूचक्कर हो गया।
चोरी की रकम से ऐश-ओ-आराम: महंगे होटलों में रुकना और घूमना
आरोपी की लाइफस्टाइल बेहद हाई-फाई थी। पुलिस को जांच में पता चला है कि छिंदवाड़ा से साढ़े 5 लाख रुपये उड़ाने के बाद उसने इन पैसों को अपनी अय्याशी और शौक पूरे करने में खर्च कर दिया। उसने चोरी की रकम से महंगे ब्रैंडेड मोबाइल खरीदे, आलीशान और महंगे होटलों में ठहरा और अलग-अलग शहरों में घूमकर पैसे पानी की तरह बहाए।
फिलहाल छिंदवाड़ा पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपी के इस फर्जीवाड़े के नेटवर्क और उसकी हाई-फाई लाइफस्टाइल को देखते हुए, आने वाले दिनों में कुछ अन्य राज्यों में की गई चोरियों या धोखाधड़ी के मामलों का भी पर्दाफाश हो सकता है।
Matribhumisamachar


