शनिवार, सितंबर 19 2026 | 12:21:04 AM

कानपुर वीकेंड वेदर अपडेट: गुनगुनी धूप से मिलेगी राहत, लेकिन सुबह-शाम ठिठुरन बरकरार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

लखनऊ. कानपुर वासियों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले कई दिनों से जारी कड़ाके की ठंड और ‘शीत दिवस’ (Cold Day) जैसे हालातों के बाद, इस वीकेंड (10 और 11 जनवरी) मौसम के मिजाज में थोड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आसमान साफ रहने और दोपहर में धूप खिलने से तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

शनिवार, 10 जनवरी: कैसा रहेगा कल का दिन?

शनिवार को सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हो सकती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही आसमान साफ होने का अनुमान है।

  • तापमान: अधिकतम तापमान 17°C और न्यूनतम तापमान 9°C के आसपास रहने की संभावना है।

  • स्थिति: दोपहर में हल्की धूप निकलने से लोगों को गलन से राहत मिलेगी। हालांकि, ठंडी पछुआ हवाएं (Wind speed 8-10 kmph) सक्रिय रहेंगी, जिससे छांव में ठंड का एहसास होगा।

रविवार, 11 जनवरी: छुट्टी के दिन का पूर्वानुमान

रविवार को मौसम शनिवार की तुलना में अधिक सुहावना रहने की उम्मीद है। पिकनिक या बाहरी गतिविधियों के लिए यह दिन बेहतर हो सकता है।

  • तापमान: अधिकतम तापमान 17°C से 18°C तक जा सकता है, जबकि रात का पारा गिरकर 7°C तक पहुंच सकता है।

  • धूप का प्रभाव: रविवार को ज्यादा समय तक धूप खिले रहने के आसार हैं, जिससे दिन के समय गलन कम होगी।

प्रमुख बिंदु और सावधानियां

  1. सुबह का कोहरा: कोहरे की डेंसिटी में कमी आएगी, फिर भी सुबह 8 बजे तक हाईवे और खुले इलाकों में सावधानी से वाहन चलाएं।

  2. रात की ठंड: दिन में धूप होने के बावजूद, सूरज ढलते ही तापमान तेजी से गिरेगा। रात की ठिठुरन से बचने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।

  3. वायु गुणवत्ता (AQI): वीकेंड पर भी प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ श्रेणी में रहने की आशंका है, इसलिए मॉर्निंग वॉक के दौरान मास्क का प्रयोग करें।

मौसम वैज्ञानिक की राय: “पश्चिमी विक्षोभ के असर से पहाड़ों पर बर्फबारी थमने के बाद अब मैदानी इलाकों में धूप का प्रभाव बढ़ेगा। हालांकि, बर्फीली हवाओं के कारण रात के तापमान में अभी कोई बड़ी वृद्धि की उम्मीद नहीं है।”

अगले सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान (12 – 18 जनवरी)

आने वाले सप्ताह में कानपुर के मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ों पर बर्फबारी होगी, जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ेगा।

  • सोमवार से बुधवार: सप्ताह की शुरुआत घने कोहरे के साथ होगी। दोपहर में हल्की धूप खिलेगी, जिससे अधिकतम तापमान 18°C-20°C के बीच रहेगा, लेकिन न्यूनतम तापमान 6°C तक गिर सकता है।

  • गुरुवार और शुक्रवार: बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। शीतलहर (Cold Wave) चलने की संभावना है, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी।

  • सप्ताह का अंत: रात के तापमान में और गिरावट आने के साथ कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर शुरू हो सकता है।

कोहरे का यातायात पर असर: ट्रेनों की ताजा स्थिति

घने कोहरे ने रेलवे की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कानपुर सेंट्रल से गुजरने वाली 70 से अधिक ट्रेनें वर्तमान में प्रभावित हैं।

  • देरी से चलने वाली प्रमुख ट्रेनें: * वंदे भारत, राजधानी और तेजस एक्सप्रेस: ये प्रीमियम ट्रेनें भी 3 से 6 घंटे की देरी से चल रही हैं।

    • श्रमशक्ति और प्रयागराज एक्सप्रेस: ये अपने निर्धारित समय से 5 से 8 घंटे लेट पहुँच रही हैं।

    • लंबी दूरी की ट्रेनें: मगध एक्सप्रेस, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस और ब्रह्मपुत्र मेल जैसी ट्रेनें 10 से 15 घंटे तक की देरी से चल रही हैं।

  • रद्द ट्रेनें: खराब दृश्यता के कारण रेलवे ने कुछ इंटरसिटी और मेमू (MEMU) ट्रेनों को अगले कुछ दिनों के लिए रद्द या उनके फेरे कम कर दिए हैं।

हवाई सेवा अपडेट (चकेरी एयरपोर्ट)

कम विजिबिलिटी (50-100 मीटर) के कारण सुबह की उड़ानों पर असर पड़ रहा है। मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली से आने वाली फ्लाइट्स अक्सर 1 से 3 घंटे की देरी से लैंड कर रही हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले एयरलाइंस से संपर्क जरूर करें।

यात्रियों और नागरिकों के लिए सुझाव:

  1. लाइव स्टेटस देखें: ट्रेन यात्रा से पहले ‘Where is my Train’ या NTES ऐप का उपयोग करें।

  2. हाईवे पर सावधानी: यदि आप कार से यात्रा कर रहे हैं, तो सुबह 9 बजे से पहले हाईवे पर जाने से बचें और हमेशा ‘फॉग लाइट्स’ चालू रखें।

  3. स्वास्थ्य: प्रदूषण (AQI 350+) और ठंड के कारण सांस के मरीज और बुजुर्ग सुबह की सैर से परहेज करें।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।