पेरिस. भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपनी फ्रांस यात्रा के दौरान एलिसी पैलेस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। यह बैठक दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते रक्षा और रणनीतिक संबंधों को और मजबूती देने के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रणनीतिक साझेदारी पर जोर
डॉ. जयशंकर ने भारत और फ्रांस के बीच अटूट रणनीतिक साझेदारी के प्रति राष्ट्रपति मैक्रों के सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों का आपसी सहयोग न केवल द्विपक्षीय हितों के लिए, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी अनिवार्य है।
प्रधानमंत्री मोदी का विशेष संदेश
बैठक की शुरुआत में विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति मैक्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं और मित्रता का संदेश दिया। यह दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल और निरंतर संवाद की कड़ी का हिस्सा है।
भू-राजनीति और वैश्विक मुद्दों पर मंथन
मुलाकात के दौरान समकालीन वैश्विक घटनाक्रमों और तेजी से बदलती भू-राजनीति पर गहन चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान और एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की आवश्यकता पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
AI इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारी
यह बैठक आगामी फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘AI इम्पैक्ट समिट’ की प्रस्तावना के रूप में देखी जा रही है। इस शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा का आधार तैयार कर लिया गया है, जो तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में दोनों देशों के भविष्य के सहयोग को नई दिशा देगा।
राजदूत सम्मेलन में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’
अपनी यात्रा के एक विशेष सत्र में डॉ. जयशंकर ने फ्रांस के राजदूतों के 31वें सम्मेलन को ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में संबोधित किया। यहाँ उन्होंने रणनीतिक स्वायत्तता और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत और फ्रांस जैसे देश एक अधिक संतुलित विश्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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