लखनऊ | गुरुवार, 9 अप्रैल 2026
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक आस्था को निशाना बनाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के क्योटरा क्षेत्र में स्थित लगभग 500 वर्ष पुराने एक प्राचीन शिव मंदिर में अराजक तत्वों ने न केवल तोड़फोड़ की, बल्कि वहां स्थापित बेशकीमती मूर्तियों को भी गायब कर दिया। इस घटना के बाद से स्थानीय हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
महाराजा छत्रसाल के काल का है गौरवशाली इतिहास
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अनुसार, यह मंदिर महज एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि बुंदेलखंड के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा है। बताया जाता है कि इसका निर्माण महाराजा छत्रसाल के सेनापति द्वारा करीब 5वीं सदी पहले कराया गया था।
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संरचना: यह मंदिर 40×40 फुट ऊंचे एक विशाल चबूतरे पर निर्मित है।
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स्थान: क्योटरा मुक्ति धाम के पास, बांदा बाईपास रोड पर शिवबालक मैरिज लॉन के समीप।
सुनियोजित साजिश का आरोप: “अस्तित्व मिटाने की कोशिश”
विहिप के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी (DM) को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया है कि यह कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि मंदिर के अस्तित्व को मिटाने की एक गहरी साजिश है।
“अराजक तत्वों ने मंदिर की मूर्तियों को गायब कर दिया है और प्राचीन चबूतरे को क्षतिग्रस्त कर दिया है। हमें अंदेशा है कि मंदिर के अवशेषों को भी खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया जा रहा है।” – विहिप प्रतिनिधिमंडल
हैरान करने वाली बात यह है कि ज्ञापन में पास ही स्थित एक अन्य मंदिर को पूरी तरह से ध्वस्त किए जाने का भी दावा किया गया है, जिसके मलबे और अवशेष अभी भी मौके पर मौजूद हैं।
प्रशासन के सामने विहिप की 3 बड़ी शर्तें
विहिप ने जिला प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में अल्टीमेटम देते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
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त्वरित गिरफ्तारी: मूर्तियों की चोरी और तोड़फोड़ करने वाले दोषियों को चिन्हित कर उन पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई हो।
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सुरक्षा घेरा: मंदिर परिसर की ऐतिहासिकता को देखते हुए वहां तुरंत बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल तैनात किए जाएं।
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जीर्णोद्धार: क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर मंदिर को उसके प्राचीन स्वरूप में बहाल किया जाए।
पुलिस और प्रशासन का रुख
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय पुलिस सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की तलाश में जुटी है। हालांकि, विहिप ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई और मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा।
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