कानपुर. कानपुर मंडल के अंतर्गत चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (SIR) में लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक कार्य में बाधा डालने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
फोन बंद कर ड्यूटी से बनाई दूरी
मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की जिम्मेदारी सौंपी थी। आरोप है कि संबंधित शिक्षकों ने न केवल इस ड्यूटी को करने से स्पष्ट इनकार किया, बल्कि जब विभाग और निर्वाचन अधिकारियों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिए। इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।
निलंबन की कार्रवाई (औरैया/बिधूना क्षेत्र)
जिला निर्वाचन अधिकारी के कड़े निर्देश के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने शनिवार को निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की:
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अजय कुमार कन्नौजिया: बिधूना विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरयांवा में तैनात अध्यापक।
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भाग्यनगर ब्लॉक: यहाँ की भी एक शिक्षिका को समान आरोपों के चलते निलंबित किया गया है।
प्रशासनिक चेतावनी: आचरण नियमावली का उल्लंघन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता कर्मचारी आचरण नियमावली का गंभीर उल्लंघन है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता अनिवार्य है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी कानपुर और आसपास के जिलों में ड्यूटी से नदारद रहने वाले कई शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन की इस ताजा कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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