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गोंडा: 27 साल पुराना अवैध कब्जा ‘जमींदोज’, सरायजरगर में मदरसे और 3 मकानों पर चला प्रशासन का बुलडोजर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

लखनऊ | शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में योगी सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान एक बार फिर बड़े स्तर पर देखने को मिला है। जिले की सदर तहसील के सरायजरगर गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 27 साल पुराने अवैध कब्जे को चंद घंटों में मलबे में तब्दील कर दिया। हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद पुलिस और राजस्व टीम ने संयुक्त रूप से मदरसा इस्लामिया अंजुमन तालिमात दीन के भवन सहित तीन मकानों को ध्वस्त कर दिया है।

? भारी पुलिस बल के बीच गरजा बुलडोजर

बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर एसडीएम सदर अशोक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में भारी पुलिस बल सरायजरगर पहुँचा। कार्रवाई के दौरान किसी भी विरोध की स्थिति से निपटने के लिए दो क्षेत्राधिकारी (CO) और छह थानों की पुलिस तैनात रही। प्रशासन ने दो जेसीबी मशीनों की मदद से करीब 12 हजार वर्ग फीट (डेढ़ बीघा) सरकारी जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त करा लिया।

? क्या था विवाद और क्यों हुई कार्रवाई?

इस मामले की जड़ें साल 1999 से जुड़ी हैं। गांव के निवासी आवेश अहमद ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी, जिसके बाद लंबी कानूनी लड़ाई चली:

  • आरक्षित भूमि: ग्राम सभा के अभिलेखों में यह जमीन ‘बंजर’ और ‘कन्या पाठशाला’ के नाम आरक्षित दर्ज थी।

  • अवैध निर्माण: साल 2004 में यहाँ मदरसे का भवन खड़ा किया गया था। इसके साथ ही इमामुद्दीन, दिलशाद और इरशाद ने पक्के मकान और दुकानें बना ली थीं।

  • पंजीकरण निरस्त: जांच में पाया गया कि मदरसे का पंजीकरण 2009 में ही समाप्त हो चुका था और वहाँ कोई शैक्षणिक कार्य नहीं हो रहा था।

  • हाई कोर्ट का आदेश: स्थानीय स्तर पर हीलाहवाली के बाद मामला मुख्यमंत्री के जनता दर्शन और फिर हाई कोर्ट पहुँचा, जहाँ से तत्काल अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी हुए।

⚠️ ‘अभी पिक्चर बाकी है’: 7 और कब्जेदारों पर लटकी तलवार

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई अभी थमी नहीं है। राजस्व विभाग के अनुसार:

  1. उसी गाटा संख्या की शेष भूमि पर अभी भी 7 अन्य लोगों का कब्जा है।

  2. इन कब्जेदारों के विरुद्ध तहसीलदार न्यायालय में बेदखली का वाद लंबित है।

  3. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही न्यायालय का निर्णय आएगा, शेष भूमि पर भी बुलडोजर चलाया जाएगा।

?️ विकास के लिए खाली हुई जमीन

एसडीएम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि यह भूमि मूल रूप से कन्या पाठशाला के लिए आरक्षित है। अवैध कब्जे हटने के बाद अब यहाँ सार्वजनिक विकास कार्यों का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

मुख्य झलकियाँ:

  • स्थान: सरायजरगर गांव, मोतीगंज, गोंडा।

  • कुल मुक्त भूमि: लगभग 1.5 बीघा (12,000 वर्ग फीट)।

  • ध्वस्त निर्माण: 1 मदरसा, 3 मकान और कुछ दुकानें।

  • प्रशासनिक टीम: एसडीएम सदर, 2 सीओ और 6 थानों की फोर्स।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।