नासिक | शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026
महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कार्यालय में सामने आए कथित यौन शोषण और धर्मांतरण के मामले ने राज्य की राजनीति और कॉर्पोरेट जगत में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 टीम लीडर्स और एक एचआर (HR) अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले चार वर्षों से चल रहे इस कथित खेल का खुलासा तब हुआ जब कुछ महिला कर्मचारियों के परिजनों ने उनके पहनावे और व्यवहार में अचानक आए बदलावों को नोटिस किया। शिकायतों के अनुसार, कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारी महिला कर्मचारियों को करियर में उन्नति का लालच देकर या नौकरी से निकालने की धमकी देकर यौन शोषण कर रहे थे।
आरोप है कि शोषण के साथ-साथ कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन के लिए भी दबाव डाला गया। अब तक की जांच में सामने आया है कि 8 महिलाओं और 1 पुरुष कर्मचारी को अपना मूल धर्म त्यागकर इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया गया।
धर्म और संस्कृति पर प्रहार के गंभीर आरोप
पीड़ितों द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर (FIR) में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
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धार्मिक प्रतीकों पर रोक: कर्मचारियों को मंगलसूत्र, बिंदी और अन्य धार्मिक प्रतीक पहनने से रोका गया।
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नमाज और खान-पान: ऑफिस परिसर के भीतर नमाज पढ़ने और गोमांस (Beef) खाने के लिए मजबूर करने के आरोप हैं।
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डार्क वेब और चैट्स: सूत्रों के अनुसार, आरोपी आपस में संपर्क करने के लिए निजी मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते थे, जिनकी जांच अब साइबर टीम कर रही है।
धर्म और राजनीति: matribhumisamachar.com/religion-and-politics
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस ने इस मामले में कुल 9 एफआईआर दर्ज की हैं। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में शामिल हैं:
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आसिफ अंसारी (टीम लीडर)
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शफी शेख (टीम लीडर)
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शाह रुख कुरैशी (टीम लीडर)
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रजा मेमन (टीम लीडर)
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तौसीफ अत्तार (टीम लीडर)
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दानिश शेख (टीम लीडर)
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अश्विनी छनानी (HR मैनेजर) – इन पर शिकायतों को दबाने और पीड़ितों को धमकाने का आरोप है।
SIT जांच का दायरा: ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ या संगठित अपराध?
नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने बताया कि SIT अब इस मामले के वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है। भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर ने इसे “कॉर्पोरेट जिहाद” करार देते हुए इसमें विदेशी फंडिंग की आशंका जताई है। जांच टीम इस बिंदु पर भी काम कर रही है कि क्या इन कर्मचारियों को धर्म परिवर्तन के बदले किसी बाहरी संस्था से आर्थिक लाभ मिल रहा था।
अदालत की कार्रवाई
सभी सात आरोपियों को आज स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 10 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान कुछ और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है, जो इस रैकेट को संरक्षण दे रहे थे।
हाइलाइट्स:
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6 टीम लीडर्स और 1 महिला HR अधिकारी सहित कुल 7 गिरफ्तार।
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8 महिला और 1 पुरुष कर्मचारी को जबरन इस्लाम कबूल करवाने का आरोप।
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पीड़ितों पर गोमांस खाने और नमाज पढ़ने के लिए बनाया गया मानसिक दबाव।
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DCP संदीप मिटके के नेतृत्व में SIT कर रही है वित्तीय लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय साजिश की जांच।
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