देहरादून | शुक्रवार, 10 अप्रैल, 2026
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राजधानी देहरादून में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक सक्रिय मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने एक सनसनीखेज कार्रवाई में विक्रांत कश्यप नामक युवक को गिरफ्तार किया है, जो देहरादून की एक कार वर्कशॉप में मैकेनिक की आड़ में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
मैकेनिक की आड़ में जासूसी: संवेदनशील ठिकानों की भेजी लोकेशन
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक, आरोपी विक्रांत कश्यप बेहद शातिराना तरीके से काम कर रहा था। वह शहर के बीचों-बीच एक कार मैकेनिक के रूप में काम करता था ताकि किसी सुरक्षा एजेंसी को उस पर शक न हो। इस दौरान उसने निम्नलिखित संवेदनशील स्थानों की रेकी की और उनकी वीडियो व सटीक लोकेशन अपने पाकिस्तानी आकाओं को भेजी:
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पुलिस मुख्यालय (PHQ), उत्तराखंड
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ISBT देहरादून (अंतरराज्यीय बस टर्मिनल)
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अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवन और सैन्य क्षेत्र
‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (TTH) के जरिए दहशत फैलाने की साजिश
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि विक्रांत ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH)’ नामक नए आतंकी संगठन का प्रचार कर रहा था। उसने झाझरा, सेलाकुई और अडवानी पुल जैसे व्यस्त इलाकों में दीवारों पर संगठन का नाम लिखकर दहशत पैदा करने की कोशिश की। वह इन गतिविधियों के वीडियो बनाकर सीधे अपने हैंडलर्स—शहजाद भट्टी और राणा—को व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए भेजता था।
बड़ा खुलासा: दिल्ली में हैंड ग्रेनेड हमले का मिला था टास्क
एसटीएफ की पूछताछ में विक्रांत ने स्वीकार किया कि उसे दिल्ली में एक बड़े हमले की जिम्मेदारी दी गई थी। उसके निशाने पर थे:
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सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ अधिवक्ता
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एक विशिष्ट संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता
हैंडलर्स ने उसे लालच दिया था कि इस हमले के बाद उसे नेपाल के रास्ते दुबई सुरक्षित पहुंचा दिया जाएगा और भारी मात्रा में धन दिया जाएगा। पुलिस ने उसके पास से एक .32 बोर की अवैध पिस्टल और 7 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
सिद्धू मूसेवाला मर्डर और रेडिकलाइजेशन का कनेक्शन
विक्रांत के आतंकी बनने की कहानी सोशल मीडिया से जुड़ी है। उसने बताया कि वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का बड़ा प्रशंसक था। उनकी हत्या के बाद वह सोशल मीडिया पर काफी गुस्से में था, जिसका फायदा उठाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उसे जाल में फंसाया और धीरे-धीरे उसे कट्टरपंथ (Radicalization) की ओर धकेल दिया।
STF की अगली कार्रवाई
फिलहाल, एसटीएफ आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
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विक्रांत के साथ इस मॉड्यूल में और कौन-कौन शामिल हैं?
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उसे फंड मुहैया कराने के लिए किन बैंक खातों या वॉलेट का उपयोग किया गया?
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क्या शहर में स्लीपर सेल के अन्य सदस्य भी सक्रिय हैं?
सुरक्षा अलर्ट: उत्तराखंड पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सीमाओं पर और राजधानी के प्रवेश द्वारों पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
Matribhumisamachar


