कानपुर । बुधवार, 10 जून 2026
उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक, कानपुर की अनाज मंडी (चकरपुर गल्ला मंडी) में बुधवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। स्थानीय व्यापारियों और आढ़तियों के अनुसार, मंडी में नई आवक की कमी और सामान्य मांग के चलते अधिकांश खाद्य फसलों और दलहन के दाम पिछले स्तर पर ही टिके हुए हैं। हालांकि, बाहरी और निर्यात मांग (Export Demand) मजबूत होने की वजह से बासमती चावल और उड़द हरी के दामों में तेजी का रुख लगातार बना हुआ है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बजट के बाद से बाजारों में जो स्थिरता आई थी, वह अब भी बरकरार है। लेकिन मक्का और कुछ अन्य मोटे अनाजों के रिकॉर्ड रेट में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है ताकि किसानों को उनकी लागत का सही मूल्य मिल सके।
अनाज बाजार: गेहूं की कीमतों में ठहराव, मोटे अनाज सामान्य
मंडी में गेहूं की विभिन्न किस्मों में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। सरकारी खरीद सीजन के बीच खुले बाजार में गेहूं दड़ा का भाव ₹2600 से ₹2625 प्रति क्विंटल के दायरे में दर्ज किया गया। वहीं, प्रीमियम क्वालिटी का गेहूं फार्म ₹2800 से ₹2850 प्रति क्विंटल पर बिक रहा है।
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आरआर-21 गेहूं: ₹2700 से ₹2750 प्रति क्विंटल
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जौ (Barley): ₹2400 से ₹2500 प्रति क्विंटल
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ज्वार: ₹2100 से ₹2150 प्रति क्विंटल
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बाजरा: ₹1800 से ₹1900 प्रति क्विंटल
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मक्का (मकाई): ₹1700 से ₹2000 प्रति क्विंटल (व्यापारियों के अनुसार मक्का के दामों में अभी और सुधार की गुंजाइश है।)
दलहन और दालें: उड़द हरी में मजबूती, अरहर के दाम रिकॉर्ड स्तर पर
दलहन वर्ग में इस हफ्ते काफी हलचल देखी जा रही है। घरेलू उपयोग और शादियों के सीजन की सीमित मांग के बीच अरहर (साबुत) ₹7100 से ₹7200 प्रति क्विंटल पर स्थिर रही। लेकिन सबसे ज्यादा चमक उड़द हरा में देखने को मिली, जो मजबूत लिवाली के चलते ₹8500 से ₹9000 प्रति क्विंटल के ऊंचे स्तर को छू गई।
रिटेल और थोक दालों की बात करें तो अरहर फूल दाल का भाव ₹12500 से ₹12600 प्रति क्विंटल के ऑल-टाइम हाई स्तर पर बना हुआ है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ रहा है। मूंग धोवा दाल भी गुणवत्ता के आधार पर ₹8500 से ₹10000 प्रति क्विंटल के बीच कारोबार कर रही है।
चावल बाजार: बासमती की विदेशी मांग से बढ़ी कीमतें
चावल के बाजार में प्रीमियम और साधारण किस्मों के बीच बड़ा अंतर देखा जा रहा है। खाड़ी देशों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से निर्यात मांग (Export Orders) आने के कारण बासमती नंबर-1 चावल इस समय सबसे महंगी किस्म बनी हुई है। इसका भाव ₹10500 से लेकर ₹11000 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। इसके विपरीत, स्थानीय स्तर पर खाए जाने वाले सेला और अरवा चावल के दाम ₹2800 से ₹4000 प्रति क्विंटल के बीच सामान्य बने हुए हैं।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
कानपुर गल्ला मंडी के वरिष्ठ व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति और मंडियों में होने वाली नई आवक पर ही भावों का भविष्य निर्भर करेगा। यदि आने वाले हफ्तों में मौसम अनुकूल रहता है और स्टॉक सुधरता है, तो दालों और चावल की कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिल सकती है। फिलहाल, जमाखोरी पर प्रशासन की नजर होने के कारण बाजार सीमित दायरे में ही घूम रहा है।
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