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छत्रपति संभाजीनगर विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक पर लगे देशविरोधी संबंधों के आरोप, पुलिस जांच शुरू

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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छत्रपति संभाजीनगर । बुधवार, 10 जून 2026

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। हाल ही में अपने अनोखे नाम और अभियानों के कारण सुर्खियों में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिषेक दीपके (जिन्हें कुछ हलकों में अभिजीत दीपके भी कहा जाता है) एक बड़े कानूनी विवाद में घिर गए हैं।

खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर बताने वाले फैजान अंसारी ने अभिषेक दीपके के खिलाफ छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक गंभीर लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

क्या हैं अभिषेक दीपके पर लगे आरोप?

यूट्यूबर फैजान अंसारी द्वारा पुलिस को सौंपी गई शिकायत में बेहद संवेदनशील और गंभीर दावे किए गए हैं। फैजान अंसारी का आरोप है कि:

  1. देशविरोधी तत्वों से संबंध: अभिषेक दीपके के संबंध कथित तौर पर उमर खालिद और ‘पाकिस्तानी आतंकवादियों’ के साथ हैं।

  2. जनता को गुमराह करना: वह अपने विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से देश के युवाओं और आम जनता को भ्रामक जानकारियां देकर गुमराह कर रहे हैं।

  3. संवैधानिक गरिमा का उल्लंघन: आरोप है कि उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अपशब्दों से भरी भाषा का इस्तेमाल किया है।

फैजान अंसारी का दावा: “मेरे पास अभिषेक दीपके के उमर खालिद और संदिग्ध ताकतों से संबंधों को उजागर करने वाली पुख्ता तस्वीरें और सोशल मीडिया पोस्ट मौजूद हैं। मैं इन सबूतों को बहुत जल्द जनता के सामने लाऊंगा और पुलिस प्रशासन को भी सौंप दूंगा।”

अंसारी ने यह भी चेतावनी दी है कि आगामी 11 जून को पुणे में अभिषेक दीपके द्वारा आयोजित किए जाने वाले आंदोलन में वे खुद जमीन पर उतरकर उनका पुरजोर विरोध करेंगे।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का इतिहास और जंतर-मंतर प्रदर्शन

इस विवाद को समझने के लिए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की पृष्ठभूमि को जानना जरूरी है। दरअसल, कुछ समय पहले देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी (जिसमें युवाओं की तुलना से जुड़ा संदर्भ था) के विरोध में और एक राजनीतिक व्यंग्य (Satire) के रूप में इस डिजिटल और सोशल मीडिया विंग की शुरुआत की गई थी।

देखते ही देखते बेरोजगारी, सिस्टम की कमियों और युवाओं के मुद्दों को उठाकर इस पेज ने सोशल मीडिया पर भारी संख्या में फॉलोअर्स जुटा लिए। हाल ही में 6 जून 2026 को सीजेपी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था, जो कि देश में गर्माए नीट (NEET) पेपर लीक मामले के विरोध में था। इस प्रदर्शन के बाद से ही यह संगठन मुख्यधारा की चर्चाओं में आ गया था।

वर्तमान स्थिति

  • नाम को लेकर स्पष्टता: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया हैंडल्स पर संस्थापक का नाम ‘अभिषेक दीपके’ तो कहीं ‘अभियेत/अभिजीत दीपके’ लिखा गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों एक ही व्यक्ति के संदर्भ में इस्तेमाल हो रहे हैं।

  • सटायर बनाम हकीकत: शुरुआत में CJP को एक विशुद्ध डिजिटल व्यंग्य और ‘बेरोजगार युवाओं के मोर्चे’ के रूप में पेश किया गया था, लेकिन जंतर-मंतर पर हुए हालिया प्रदर्शन और अब लगे इन गंभीर आरोपों ने इसे कानूनी और राजनीतिक रंग दे दिया है।

  • पुलिसिया कार्रवाई: छत्रपति संभाजीनगर पुलिस प्रशासन ने शिकायत को दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक शिकायतकर्ता फैजान अंसारी द्वारा कथित ‘तस्वीरें और सबूत’ आधिकारिक तौर पर जांच टीम को नहीं सौंपे जाते, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। देशविरोधी संबंधों के दावों की गहन तकनीकी और साइबर जांच की जा रही है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।