नई दिल्ली ।
पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौपरिवहन बाधाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अनिश्चितता में डाल दिया है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है, जिसमें से आधी से अधिक आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है। इस संकट के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच लगातार कूटनीतिक बातचीत जारी है, ताकि वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
दूसरी ओर, भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी रोकने के लिए नीतियों में महत्वपूर्ण अपडेट दिए हैं।
1. LPG रिफिल बुकिंग का नया नियम: 25 दिनों का समान अंतराल
संकट की शुरुआती अवधि में मांग प्रबंधन और आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने एक अस्थायी व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों के लिए 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन का Inter-booking Interval तय किया था।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आदेश के अनुसार, इस नियम को संशोधित कर दिया गया है:
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शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समानता: घरेलू रिफाइनिंग बैकलाग में आई कमी और LPG आपूर्ति स्थिति में सुधार को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है।
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25-दिन का नियम: अब देश भर के सभी घरेलू LPG उपभोक्ता (शहरी और ग्रामीण दोनों) 25 दिन के अंतराल के बाद अपनी अगली रिफिल बुकिंग करा सकते हैं।
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सख्त निगरानी: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) को निर्देश दिए गए हैं कि व्यावसायिक (Commercial) उपयोग के लिए रसोई गैस के अनधिकृत उपयोग और कालाबाजारी पर सख्त नजर रखी जाए।
2. हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन संकट और कूटनीति
वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इस मार्ग पर सुरक्षा जोखिमों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
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सुरक्षित मार्ग के लिए कूटनीतिक पहल: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के साथ कई बार टेलीफोन पर विस्तृत चर्चा की है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है।
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भारतीय जहाजों को राहत: ईरान की ओर से आश्वासन दिया गया है कि वह मित्र देशों के मालवाहक और तेल टैंकर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करेगा। कई भारतीय तेल टैंकर सुरक्षा निर्देशों के साथ इस मार्ग को पार कर भारत पहुंचे हैं।
3. भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति
गैस और कच्चे तेल की संभावित किल्लत से निपटने के लिए भारत सरकार ने बहुस्तरीय रणनीति अपनाई है:
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घरेलू रिफाइनिंग को प्राथमिकता: देश की सभी रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे सी-3/सी-4 स्ट्रीम्स का उपयोग पेट्रोकेमिकल उत्पादन के बजाय अनिवार्य रूप से LPG उत्पादन के लिए करें।
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सप्लाई रूट का विविधीकरण: पश्चिम एशिया पर निर्भरता के जोखिम को कम करने के लिए भारतीय तेल कंपनियों ने अमेरिका और अन्य गैर-खाड़ी देशों से कच्चे तेल के आयात को गति दी है।
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‘ऑपरेशन इवैक्युएशन’: विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिक जिम्मेदारी मानते हुए बड़े पैमाने पर सुरक्षित निकासी अभियान चलाए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग अब कितने दिनों के बाद की जा सकती है?
उत्तर: नए सरकारी आदेश के तहत, अब आप अपने पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिनों के बाद नया सिलेंडर बुक कर सकते हैं। यह नियम अब शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए एक समान है।
Q2. क्या ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन का नियम अभी भी लागू है?
उत्तर: नहीं, सरकार ने ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 45 दिन के पुराने नियम को समाप्त कर दिया है और इसे घटाकर 25 दिन कर दिया है।
Q3. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें से आधा से अधिक हिस्सा इसी समुद्री मार्ग के जरिए आता है। इस मार्ग के बाधित होने से भारत में ईंधन की कीमतें और महंगाई बढ़ सकती हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारियों, मंत्रालय के बयानों और अंतरराष्ट्रीय समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। LPG बुकिंग नियमों और कीमतों में बदलाव के संबंध में ताजा जानकारियों के लिए अपनी संबंधित गैस एजेंसी या पेट्रोलियम मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (pmuy.gov.in / mylpg.in) पर विजिट करें।
