हैदराबाद | शनिवार, 11 अप्रैल 2026
आंध्र प्रदेश पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने एक बड़े ऑपरेशन में हैदराबाद की एक लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, सईदा बेगम (38), को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि वह अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों ISIS और AQIS (भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा) के एक सक्रिय मॉड्यूल का हिस्सा थी और युवाओं, विशेषकर महिलाओं को ऑनलाइन कट्टरपंथी (Radicalize) बनाने का काम कर रही थी।
प्रमुख खुलासे: क्या था ‘खवातीन’ विंग का प्लान?
जांच एजेंसियों के अनुसार, सईदा कथित तौर पर एक महिला आतंकी विंग ‘खवातीन’ तैयार करने की योजना पर काम कर रही थी।
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हथियारों की ट्रेनिंग: इस विंग का उद्देश्य महिलाओं को भर्ती कर उन्हें हथियारों, हैंडगन और विस्फोटकों के इस्तेमाल में माहिर बनाना था।
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42 महिलाएं निशाने पर: पुलिस जांच में सामने आया है कि सईदा ने करीब 42 महिलाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ा था।
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मुख्य साजिशकर्ता: सईदा को रहमतुल्लाह शरीफ के 15 सदस्यीय गिरोह का हिस्सा बताया जा रहा है। रहमतुल्लाह और उसके दो साथियों (मोहम्मद दानिश और मिर्जा सोहेल) को विजयवाड़ा पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
सोशल मीडिया बना कट्टरपंथ का हथियार
सईदा के इंस्टाग्राम पर लगभग 38,000 फॉलोअर्स हैं। पुलिस का आरोप है कि उसने अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल गुमराह करने वाले प्रोपेगैंडा को फैलाने के लिए किया।
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प्रतिबंधित कंटेंट: उसके फोन से ओसामा बिन लादेन के वीडियो, पाकिस्तानी उपदेशक इसरार अहमद के भाषण और जिहादी गतिविधियों से जुड़ी सामग्री बरामद हुई है।
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टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप: वह कई ऐसे गुप्त ऑनलाइन ग्रुप्स की सदस्य थी, जिनके हैंडलर्स पाकिस्तान और अन्य विदेशी देशों से संचालित हो रहे थे।
आरोपी का पक्ष: “अनजान लिंक से हुई ग्रुप में एंट्री”
सईदा और उसके कानूनी पक्ष ने सभी आरोपों को नकारा है। सईदा के वकील के अनुसार:
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उसने कभी कोई आतंकी ग्रुप नहीं बनाया।
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उसे उसकी जानकारी के बिना कुछ धार्मिक चर्चा वाले समूहों में जोड़ा गया था।
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वह एक ‘सिंगल मदर’ है और चंचलगुडा (हैदराबाद) में अपने माता-पिता और 6 साल के बेटे के साथ रहती है।
जांच का दायरा बढ़ा: अन्य राज्यों में भी गिरफ्तारियां
आंध्र प्रदेश पुलिस की इस कार्रवाई के तार अब कर्नाटक और राजस्थान तक भी जुड़ रहे हैं। हालिया अपडेट्स के अनुसार, इसी नेटवर्क से जुड़े अब्दुल सलाम (बल्लारी, कर्नाटक) और 19 वर्षीय जीशान (जोधपुर, राजस्थान) को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब ‘अल-मालिक यूथ इस्लामिक कमेटी’ (AMYIC) नामक संगठन और उनके यूट्यूब चैनल की जांच कर रही है।
सतर्कता संदेश: पुलिस ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और सोशल मीडिया इंटरैक्शन पर नज़र रखें, क्योंकि कट्टरपंथी समूह अब इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से युवाओं तक पहुँच बना रहे हैं।
कानूनी स्थिति: सईदा बेगम और अन्य आरोपियों पर UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में वे न्यायिक हिरासत में हैं।
Matribhumisamachar


