बेंगलुरु । गुरुवार, 11 जून 2026
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी गृह लक्ष्मी योजना (Gruha Lakshmi Scheme) इन दिनों चर्चा और प्रशासनिक सुधारों के केंद्र में है। योजना के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए गठित गारंटी कार्यान्वयन समिति की हालिया तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में लगभग 1.48 लाख ऐसी महिलाओं के खातों में हर महीने ₹2,000 की वित्तीय सहायता भेजी जा रही थी, जिनका निधन हो चुका है।
इस गंभीर चूक के कारण राज्य सरकार के खजाने पर पिछले कुछ महीनों में करीब ₹128 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है। इस गड़बड़ी पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (CM D.K. Shivakumar) ने योजना की व्यापक समीक्षा (Review) और लाभार्थियों के पुन: सत्यापन (Re-verification) के आदेश दिए हैं।
मुख्य अनियमितताएं: ऑडिट रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा?
गारंटी कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष दिनेश गूलीगौड़ा के नेतृत्व में की गई समीक्षा में यह बात सामने आई कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण डेटाबेस और कल्याणकारी योजनाओं के डेटाबेस के बीच आपसी तालमेल न होने के कारण यह चूक हुई।
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मृत लाभार्थियों को भुगतान: लगभग 1.48 लाख मृत महिलाओं के नाम सिस्टम से न हटने के कारण उनके खातों में पैसे जाते रहे, जिसे बाद में उनके परिजनों द्वारा एटीएम या डिजिटल पेमेंट के जरिए निकाल लिया गया।
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इनकम टैक्स (I-T) पेयर्स: जांच में यह भी पाया गया कि कई ऐसी महिलाएं भी योजना का लाभ ले रही थीं जो आयकर (Income Tax) के दायरे में आती हैं या जिनकी सालाना आय ₹2 लाख से अधिक है। कुछ मामलों में तो ₹10 लाख से ₹30 लाख तक का वेतन पाने वाली महिलाएं भी इस ₹2,000 की मासिक सहायता का लाभ उठा रही थीं।
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डेटा मिसमैच: लाभार्थियों के बैंक खातों और पंजीकृत मोबाइल नंबरों में भी बड़े पैमाने पर विसंगतियां पाई गई हैं, जहां एक ही मोबाइल नंबर कई अलग-अलग खातों से जुड़ा हुआ मिला।
सरकार का अगला कदम: बायोमेट्रिक सत्यापन और कड़े नियम
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पदभार संभालने के बाद अपनी बैठकों में यह साफ कर दिया है कि सरकार का इरादा किसी भी गारंटी योजना को बंद करने का नहीं है, बल्कि वह इसमें मौजूद कमियों को दूर कर इसे पूरी तरह पारदर्शी बनाना चाहती है। भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार अब निम्नलिखित कड़े कदम उठाने जा रही है:
1. आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric e-KYC)
अब तक योजना के तहत केवल पंजीकरण के समय ही ई-केवाईसी (e-KYC) की आवश्यकता होती थी, जिससे यह पता लगाना मुश्किल था कि लाभार्थी जीवित है या नहीं। अब सरकार Aadhaar-based biometric verification लागू करने जा रही है। लाभार्थियों को सालाना तौर पर या निश्चित अंतराल पर जीवन प्रमाण पत्र या बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन देना अनिवार्य किया जा सकता है।
2. नए सिरे से आवेदन और डेटा फ्रीजिंग
कैबिनेट की आगामी बैठकों में सभी लाभार्थियों से नए सिरे से आवेदन मांगने या मौजूदा डेटाबेस को फ्रीज कर पूरी तरह से री-वेरिफिकेशन ड्राइव चलाने पर विचार किया जा रहा है। 4.3 लाख से अधिक संदिग्ध और अपात्र लाभार्थियों के नाम पहले ही सूची से हटाए जा चुके हैं।
3. जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड का एकीकरण
भविष्य में इस तरह की मैन्युअल चूकों से बचने के लिए कर्नाटक सरकार राज्य के जन्म और मृत्यु पंजीकरण विभाग के डिजिटल रिकॉर्ड को सीधे गृह लक्ष्मी योजना के बैंक ट्रांसफर (DBT) पोर्टल से लिंक करने की योजना बना रही है। जैसे ही किसी लाभार्थी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होगा, उसका नाम योजना से स्वतः ही हट जाएगा।
लाभार्थी ध्यान दें: अपात्रता और सुधार की प्रक्रिया
यदि किसी परिवार में गृह लक्ष्मी योजना की मुख्य लाभार्थी महिला का निधन हो गया है, तो मुख्यमंत्री ने अपील की है कि इसकी जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन (Grama One, Bangalore One, या स्थानीय वार्ड कार्यालय) को दी जाए।
महत्वपूर्ण नियम: मुख्य महिला लाभार्थी की मृत्यु होने पर परिवार की दूसरी पात्र महिला सदस्य मृत्यु प्रमाण पत्र और आवश्यक दस्तावेज जमा करके खुद को नए मुखिया के रूप में पंजीकृत करा सकती हैं और इस योजना का लाभ (₹2,000 प्रति माह) जारी रख सकती हैं।
जो महिलाएं तकनीकी त्रुटियों के कारण अपनी पात्रता खो चुकी हैं या जिनका नाम गलती से कट गया है, वे अपने दस्तावेजों (जैसे राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र और आधार कार्ड) के साथ संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में जाकर दोबारा अपील कर सकती हैं।
गृह लक्ष्मी योजना का वर्तमान स्टेटस कैसे चेक करें?
यदि आप कर्नाटक के मूल निवासी हैं और अपनी किस्त का स्टेटस देखना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित चरणों का पालन कर सकते हैं:
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अपने मोबाइल में Karnataka DBT App डाउनलोड करें।
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अपने आधार नंबर की मदद से ऐप पर नए यूजर के रूप में रजिस्टर करें।
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आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज कर वेरिफाई करें।
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लॉग-इन करने के बाद ‘Payment Status’ विकल्प पर जाकर ‘Gruha Lakshmi’ योजना को चुनें, जहां आपको पिछली सभी किस्तों की पूरी जानकारी मिल जाएगी।
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ऐप पर यह भी सुनिश्चित करें कि आपका आधार आपके बैंक खाते से सक्रिय (Active Seeding) रूप से जुड़ा हुआ हो।
इस योजना के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में ₹28,608 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। सरकार का यह नया सत्यापन अभियान यह सुनिश्चित करेगा कि जनता के टैक्स का पैसा केवल और केवल राज्य की जरूरतमंद, गरीब और वास्तविक पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे।
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