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भारत बंद 2026: देशभर में चक्का जाम, श्रमिकों और किसानों का आंदोलन; जानें क्या खुला है और क्या बंद

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संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और ट्रेड यूनियन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल

नई दिल्ली. आज भारत की सड़कों पर एक बड़ा जनसैलाब उमड़ा है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और 10 से अधिक केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आज ‘भारत बंद’ (Nationwide Strike) का आयोजन किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में देशभर के लगभग 30 करोड़ श्रमिक, किसान और कर्मचारी शामिल हो रहे हैं।

क्यों हो रहा है ‘भारत बंद’?

इस विरोध प्रदर्शन के पीछे कई बड़े मुद्दे हैं जो सीधे तौर पर आम आदमी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं:

  1. नए श्रम कानूनों (Labour Codes) का विरोध: ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार नए लेबर कोड “मजदूर विरोधी” हैं। इनका कहना है कि ये कानून श्रमिकों के अधिकारों को सीमित करते हैं और कंपनियों को मनमानी करने की छूट देते हैं।

  2. भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: किसान संगठनों में प्रस्तावित अंतरिम ट्रेड डील को लेकर भारी आक्रोश है। उनका दावा है कि अमेरिका से सस्ते डेयरी उत्पाद और कृषि सामान आयात करने से भारतीय किसानों की आय आधी रह जाएगी।

  3. MSP की कानूनी गारंटी: किसान लंबे समय से सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं।

  4. OPS और अन्य मांगें: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के निजीकरण पर रोक और मनरेगा (MGNREGA) के बजट में बढ़ोतरी इस आंदोलन के मुख्य बिंदु हैं।

बैंकिंग और परिवहन सेवाओं पर क्या होगा असर?

अगर आप आज बैंक जाने या यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

1. बैंकिंग सेवाएं (Banking Services)

AIBEA और BEFI जैसे बड़े बैंकिंग संघों के हड़ताल में शामिल होने के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) में कामकाज ठप रह सकता है। चेक क्लियरिंग और काउंटर से नकदी निकालने में देरी हो सकती है। हालांकि, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM सेवाएं पूरी तरह सुचारू रहेंगी।

2. परिवहन और यातायात (Transport)

ओडिशा, केरल, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में निजी और सरकारी बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई जगहों पर ‘चक्का जाम’ की स्थिति देखी जा रही है। रेल सेवाओं पर फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं है, लेकिन स्टेशनों तक पहुंचने में परिवहन की कमी महसूस हो सकती है।

3. शिक्षा और संस्थान

विरोध प्रदर्शन की तीव्रता को देखते हुए कई राज्यों में स्कूलों और कॉलेजों ने एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी है।

किन राज्यों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर?

रिपोर्ट्स के अनुसार, हड़ताल का सबसे व्यापक असर निम्नलिखित राज्यों में रहने की उम्मीद है:

  • केरल और पश्चिम बंगाल: यहाँ ट्रेड यूनियनों की मजबूत पकड़ के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।

  • ओडिशा और असम: यहाँ भी बड़े स्तर पर विरोध रैलियों की तैयारी है।

  • पंजाब और हरियाणा: यहाँ दिल्ली की सीमाओं और राजमार्गों पर किसानों का भारी जमावड़ा देखा जा रहा है।

महत्वपूर्ण नोट: अस्पताल, एम्बुलेंस, दवा की दुकानें, अग्निशमन सेवा और दूध की आपूर्ति जैसी आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से मुक्त रखा गया है।

यह हड़ताल न केवल आर्थिक सुधारों पर सवाल उठा रही है, बल्कि सरकार और मजदूर-किसान संगठनों के बीच बढ़ते तनाव को भी दर्शाती है। यदि सरकार और संगठनों के बीच बातचीत का कोई ठोस रास्ता नहीं निकलता, तो आने वाले दिनों में विरोध के स्वर और तेज हो सकते हैं।

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