शुक्रवार, अप्रैल 03 2026 | 12:24:06 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / जयशंकर का जादू: ईरान ने भारतीय जहाजों को दिया ‘सुरक्षित रास्ता’, अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच बड़ी राहत

जयशंकर का जादू: ईरान ने भारतीय जहाजों को दिया ‘सुरक्षित रास्ता’, अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच बड़ी राहत

Follow us on:

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मानचित्र और भारतीय तेल टैंकर

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया (Middle East) में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों के बीच भारत के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर आई है। दुनिया के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक समुद्री रास्ते, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में अब भारतीय तिरंगा लगे जहाजों को विशेष सुरक्षा मिलेगी। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह भारतीय तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों को निशाना नहीं बनाएगा।

⚡ जयशंकर की ‘सॉफ्ट पावर’ का वैश्विक डंका

पिछले कुछ दिनों से खाड़ी देशों में युद्ध की आहट से कच्चे तेल (Crude Oil) की वैश्विक कीमतों में आग लगी हुई थी। ईरान ने चेतावनी दी थी कि वह इस रास्ते को विदेशी जहाजों के लिए बंद कर सकता है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की सक्रिय कूटनीति ने बाजी पलट दी।

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद, ईरान भारत को ‘विशेष मित्र’ की श्रेणी में रखते हुए सुरक्षित रास्ता देने पर सहमत हो गया है। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब पूरी दुनिया की सप्लाई चेन ठप होने की कगार पर है।

ईरान-इजरायल संघर्ष: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

🚢 ‘मयूरी नारी’ पर हमला: आखिर क्यों बढ़ा था तनाव?

बीते बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति तब भयावह हो गई जब थाईलैंड के पंजीकृत जहाज ‘मयूरी नारी’ पर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ।

  • हमले का असर: जहाज में भीषण आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई।

  • भारतीय कनेक्शन: यह जहाज गुजरात के कांडला बंदरगाह आ रहा था।

  • बचाव कार्य: ओमानी नौसेना ने 20 क्रू मेंबर्स को बचाया, लेकिन 3 नाविक अब भी लापता हैं।

    इस घटना के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं, लेकिन ईरान के नए भरोसे ने भारतीय शिपिंग कंपनियों को बड़ी राहत दी है।

🌍 स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: दुनिया की ‘आर्थिक नब्ज’ क्यों है?

यह रास्ता महज 33 किलोमीटर चौड़ा है, लेकिन इसकी अहमियत का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:

  1. तेल की सप्लाई: वैश्विक तेल निर्यात का लगभग 20% और दुनिया की एक-तिहाई LNG इसी रास्ते से गुजरती है।

  2. प्रमुख निर्यातक: सऊदी अरब, इराक, कुवैत और कतर जैसे देश इसी संकरे रास्ते पर निर्भर हैं।

  3. भारत का दांव: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का 80% से अधिक हिस्सा आयात करता है। यदि यहाँ रुकावट आती, तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगतीं।

डॉ. एस. जयशंकर की कूटनीति ने कैसे बदली भारत की वैश्विक छवि?

🛡️ भारतीय नागरिकों और अर्थव्यवस्था पर असर

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) है।

  • पीएम मोदी की सक्रियता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गल्फ देशों के नेताओं से बात कर शांति और कूटनीति पर जोर दिया है।

  • GCC में भारतीय समुदाय: खाड़ी देशों (GCC) में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा भारत सरकार के लिए सबसे ऊपर है।

  • इवेक्युएशन (Evacuation) प्लान: भारत उन नागरिकों की भी मदद कर रहा है जो अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते घर लौटना चाहते हैं।

🚫 पाकिस्तान के ‘विक्टिम कार्ड’ पर भारत का करारा प्रहार

इसी बीच, पाकिस्तान द्वारा भारत पर लगाए गए बेबुनियाद आरोपों को विदेश मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया। रणधीर जायसवाल ने दो टूक कहा:

“दशकों से आतंकवाद को पालने वाले देश के पास भारत पर उंगली उठाने की कोई साख नहीं है। पाकिस्तान का खुद को ‘पीड़ित’ दिखाना अब दुनिया को बेवकूफ नहीं बना सकता।”

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

💡 विशेषज्ञों की राय: भारत की ‘न्यूट्रल’ नीति का फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध हो या अब मध्य-पूर्व संकट, भारत की ‘बैलेंस्ड’ विदेश नीति ही उसकी अर्थव्यवस्था का ढाल बनी है। ईरान के साथ यह समझौता भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रमाण है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के बीच ईरान का बड़ा हमला: बहरीन में अमेजन का डेटा सेंटर बना निशाना, 18 अमेरिकी कंपनियां रडार पर

डिजिटल डेस्क | मनामा (बहरीन) | गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 पश्चिम एशिया में चल रहा …