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कानपुर में सोने-चांदी की कीमतें स्थिर: क्या ₹1.50 लाख तक जाएगा गोल्ड?

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर । मंगलवार, 12 मई 2026

कानपुर के सर्राफा बाजार में आज हलचल तो है, लेकिन कीमतों के मोर्चे पर शांति देखी गई। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अस्थिरता और शादी-ब्याह के सीजन के बीच, सोने और चांदी की कीमतों ने अपने रिकॉर्ड स्तर को बरकरार रखा है। जहाँ 24 कैरेट सोना ₹1.47 लाख के पार टिका हुआ है, वहीं चांदी भी ₹2.75 लाख प्रति किलो पर स्थिर है।

बाजार का ताजा हाल: स्थिरता या बड़े उछाल की आहट?

मंगलवार सुबह जब बाजार खुला, तो निवेशकों की नजरें स्क्रीन पर टिकी थीं। 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,47,680 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिरता किसी बड़ी गिरावट का संकेत नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती का परिणाम है।

अक्सर देखा गया है कि जब डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव होता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने (Gold) को चुनते हैं। वर्तमान में मध्य-पूर्व के हालात और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी ने कीमतों को इस ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

रेट कार्ड: आज क्या है कानपुर का भाव?

शुद्धता आज का रेट (प्रति 10 ग्राम) कल का रेट बदलाव
24 कैरेट ₹1,47,680 ₹1,47,680 कोई बदलाव नहीं
22 कैरेट ₹1,40,650 ₹1,40,650 कोई बदलाव नहीं
18 कैरेट ₹1,14,250 ₹1,14,350 – ₹100

चांदी की स्थिति: चांदी के खरीदारों के लिए भी आज कोई राहत की खबर नहीं है। औद्योगिक मांग और आभूषणों की भारी डिमांड के कारण चांदी ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम पर स्थिर है।

संभावित सुधार और सावधानी (Fact Check)

बाजार में अक्सर ‘स्क्रीन रेट’ और ‘दुकान के रेट’ में अंतर होता है। ग्राहकों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. GST और मेकिंग चार्ज: ऊपर दिए गए भावों में 3% GST और मेकिंग चार्ज (जो 5% से 20% तक हो सकता है) शामिल नहीं हैं।

  2. हॉलमार्किंग: 18 और 22 कैरेट के गहने खरीदते समय HUID (Hallmark Unique Identification) नंबर जरूर जांचें।

निष्कर्ष

कानपुर के सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं होता, तो जल्द ही सोना ₹1.50 लाख के आंकड़े को छू सकता है। मध्यम वर्ग के लिए यह निवेश का सही समय हो सकता है या नहीं, यह उनकी व्यक्तिगत वित्तीय योजना पर निर्भर करता है, लेकिन शादियों के लिए खरीदारी करने वालों की भीड़ कम नहीं हो रही है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।