देहरादून । मंगलवार, 12 मई 2026
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में धर्मांतरण की गतिविधियों को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े रुख और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के अनुपालन में, एसएसपी अजय गणपति ने खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्रों में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिले में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं, जिनकी गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
तीन अलग-अलग मामलों का पूरा विवरण
पुलिस के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों से धर्मांतरण के प्रयास और दबाव की शिकायतें मिली थीं:
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खटीमा: बीमारी ठीक करने और आर्थिक मदद का झांसा
पहले मामले में, कुछ लोगों पर आरोप है कि वे प्रार्थना सभाओं के माध्यम से हिंदू धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे थे। उन्होंने लोगों को गंभीर बीमारियां ठीक करने का वादा किया और आर्थिक सहायता का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया।
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नानकमत्ता: 5 लाख रुपये का प्रलोभन और धमकी
नानकमत्ता क्षेत्र में एक गांव के भीतर चर्चनुमा ढांचा बनाकर धर्म प्रचार किया जा रहा था। आरोप है कि एक परिवार को धर्म बदलने के लिए ₹5 लाख देने का लालच दिया गया। मना करने पर परिवार को डराया और धमकाया भी गया। यहाँ पुलिस ने उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
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थारू समाज को गुमराह करने का प्रयास
तीसरे मामले में थारू समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा था। सामाजिक भेदभाव खत्म करने के झूठे वादे कर उन्हें हिंदू धर्म के प्रति भड़काने और ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रताड़ित करने का आरोप है।
SIT का गठन और निष्पक्ष जांच का भरोसा
एसएसपी अजय गणपति ने इन तीनों संवेदनशील मामलों की गहराई से जांच के लिए SIT (Special Investigation Team) गठित कर दी है।
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पर्यवेक्षण: पुलिस उपाधीक्षक विभव सैनी इस पूरी टीम की मॉनिटरिंग करेंगे।
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टीम में शामिल: इसमें संबंधित थानों के प्रभारी, मामले के विवेचक और SOG की सर्विलांस टीम शामिल है ताकि डिजिटल साक्ष्यों को भी जुटाया जा सके।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी व्यक्ति को भय, प्रलोभन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करता है, तो उस पर कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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