कोलकाता | मंगलवार, 12 मई 2026
पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ में अपना कार्यभार संभाल लिया है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद जब वे पहली बार अपने कार्यालय पहुंचे, तो उनकी कुर्सी पर भगवा तौलिया लगा नजर आया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह केवल एक कपड़ा नहीं बल्कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में वैचारिक बदलाव का प्रतीक है, जो सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली से प्रेरित दिखता है।
सड़कों पर नमाज पर पाबंदी: प्रशासन का सख्त रुख
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात को सुचारू बनाने के लिए सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बीजेपी विधायक अर्जुन सिंह ने एक साक्षात्कार में पुष्टि की कि प्रशासन ने ‘पब्लिक ऑर्डर’ को प्राथमिकता देते हुए धार्मिक जमावड़े के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
“नमाज मस्जिदों में पढ़ी जानी चाहिए, सड़कों पर नहीं। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह अदालती आदेशों और जनहित के अनुरूप है।” — अर्जुन सिंह, बीजेपी विधायक
सरकार ने कोलकाता के रेड रोड जैसे इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि अब पुरानी परंपराओं के नाम पर कानून का उल्लंघन नहीं होगा।
मवेशी तस्करी और पत्थरबाजी पर ‘जीरो टॉलरेंस’
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने मवेशी तस्करी को एक बड़ा मुद्दा बनाया था। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट ने अपनी पहली बैठक में ही इस पर कड़ा रुख अपनाया है:
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अवैध बाजार बंद: सभी अनधिकृत पशु बाजारों को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है।
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बॉर्डर पर सख्ती: सीमावर्ती जिलों में तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
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पत्थरबाजी पर रोक: राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पत्थरबाजी जैसी घटनाओं के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रीय योजनाओं का स्वागत
ममता बनर्जी सरकार द्वारा रोकी गई केंद्रीय योजनाओं को अब बंगाल में हरी झंडी मिल गई है। कैबिनेट ने आयुष्मान भारत और उज्ज्वला 3.0 को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है। साथ ही, रुकी हुई जनगणना (Census) की प्रक्रिया को भी राज्य में शुरू करने की अनुमति दे दी गई है।
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