शनिवार, सितंबर 19 2026 | 01:28:13 PM

कानपुर गल्ला मंडी भाव: गेहूं और चने की कीमतों में स्थिरता, जानें क्या हैं आज के थोक दाम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर । शुक्रवार, 12 जून 2026

उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक नगरी कानपुर की गल्ला मंडी में शुक्रवार को व्यापारिक गतिविधियों में एक खास संतुलन देखने को मिला। मंडी में अधिकांश कृषि जिंसों (agricultural commodities) और खाद्यान्नों के थोक भाव पूरी तरह स्थिर बने रहे। स्थानीय व्यापारियों और आढ़तियों के अनुसार, इस समय मंडी में फसलों की आवक (supply) और खरीदारों की मांग (demand) दोनों ही सामान्य स्तर पर हैं, जिसके कारण कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव या बदलाव दर्ज नहीं किया गया है।

गेहूं, चना, अरहर, मसूर समेत अन्य प्रमुख दलहनों के दाम अपने पिछले स्तर पर ही टिके हुए हैं। आइए जानते हैं कानपुर मंडी में विभिन्न अनाजों और दालों के ताजा थोक भाव क्या रहे।

1. गल्ला एवं प्रमुख अनाज के भाव (प्रति क्विंटल)

मंडी में आज मिल क्वालिटी के साधारण गेहूं का मॉडल रेट ₹2,420 से ₹2,450 प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया। वहीं अच्छी क्वालिटी और फार्म गेहूं के भाव इस प्रकार रहे:

  • गेहूं दड़ा: ₹2,600 – ₹2,625

  • गेहूं (आरआर-21): ₹2,700 – ₹2,750

  • गेहूं फार्म: ₹2,800 – ₹2,850

  • जौ: ₹2,400 – ₹2,500

  • ज्वार: ₹2,100 – ₹2,150

  • बाजरा: ₹1,800 – ₹1,900

  • मकई (मक्का): ₹1,700 – ₹2,000

2. दलहन एवं साबुत दालों के भाव (प्रति क्विंटल)

दलहन बाजार में भी आज ठहराव देखा गया। पिछले दिनों आई तेजी के बाद अब अरहर और उड़द जैसी प्रमुख दालों की कीमतें एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं:

  • चना: ₹5,500 – ₹5,600

  • अरहर: ₹7,100 – ₹7,200

  • मसूर: ₹5,800 – ₹6,000

  • मटर: ₹3,900 – ₹4,000

  • उड़द हरा: ₹8,500 – ₹9,000

  • उड़द काला: ₹7,000 – ₹7,100

बाजार में स्थिरता की मुख्य वजह और सुधार

व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार में आपूर्ति और मांग का संतुलन पूरी तरह से बना हुआ है। न तो बाजार में किसी फसल की अचानक कमी हुई है और न ही खरीदारों की तरफ से कोई अतिरिक्त दबाव है। यही कारण है कि अधिकांश जिंसों के भाव स्थिर हैं।

हालाँकि, बाजार विश्लेषकों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिरता लंबे समय तक नहीं रहने वाली है। आगामी दिनों में निम्नलिखित कारकों के आधार पर कृषि जिंसों की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है:

  1. मानसून की प्रगति: देश में मानसून के आगे बढ़ने की रफ्तार और बारिश का पैटर्न खरीफ फसलों की बुआई तय करेगा, जिसका सीधा असर मौजूदा स्टॉक की कीमतों पर पड़ेगा।

  2. सरकारी खरीद नीतियां: सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बफर स्टॉक को लेकर लिए जाने वाले फैसले भी बाजार की दिशा तय करेंगे।

  3. स्थानीय व बाहरी मांग: त्योहारों या मिलों की तरफ से आने वाली मांग में तेजी कीमतों को ऊपर ले जा सकती है।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।