कानपुर. उत्तर प्रदेश की प्रमुख अनाज मंडियों में शुमार कानपुर की चकरपुर मंडी में आज व्यापारिक गतिविधियों में भारी तेजी देखी गई। शुक्रवार को मंडी खुलते ही गेहूं, सरसों और प्रमुख दलहन फसलों की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई। बाजार जानकारों का मानना है कि नई फसल की आवक और बढ़ती मांग के कारण कीमतों को समर्थन मिल रहा है।
गेहूं की कीमतों में वैरायटी के अनुसार तेजी
मंडी में गेहूं की आवक तो अच्छी है, लेकिन गुणवत्ता के आधार पर कीमतों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है।
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गेहूं (दड़ा): सामान्य उपयोग वाले दड़ा गेहूं का भाव 2,600 से 2,625 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा।
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आर.आर. 21 (RR 21): इस विशेष किस्म की मांग बढ़ने से भाव 2,700 से 2,750 रुपये तक पहुंच गए।
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फार्म गेहूं: प्रीमियम क्वालिटी का फार्म गेहूं सबसे ऊपर 2,800 से 2,850 रुपये प्रति क्विंटल पर बिक रहा है।
सरसों और तिलहन: रिकॉर्ड स्तर की ओर कदम?
तिलहन बाजार में सरसों की चमक बरकरार है। चकरपुर मंडी में आज सरसों का न्यूनतम भाव 6,920 रुपये और अधिकतम भाव 7,100 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। खाद्य तेलों की वैश्विक मांग और स्थानीय स्तर पर पेराई मिलों की सक्रियता से सरसों के दामों में यह मजबूती बनी हुई है।
दलहन बाजार: उड़द और मूंग के दाम हुए गरम
दलहन सेगमेंट में सबसे ज्यादा तेजी उड़द और मूंग में देखी जा रही है।
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उड़द दाल: औसत भाव 10,497 रुपये प्रति क्विंटल के करीब रहा, जो आम आदमी की जेब पर असर डाल सकता है।
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मूंग दाल: बाजार में मूंग दाल 9,275 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास ट्रेंड कर रही है।
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अरहर (साबुत): अरहर के भाव भी 8,000 से 8,100 रुपये के मजबूत स्तर पर टिके हुए हैं।
📊 चकरपुर मंडी भाव एक नजर में (13 मार्च 2026)
| फसल | भाव रेंज (₹/क्विंटल) |
| जौ | 2,250 – 2,350 |
| मक्का | 1,700 – 1,900 |
| सरसों | 6,920 – 7,100 |
| फार्म गेहूं | 2,800 – 2,850 |
किसानों और व्यापारियों के लिए जरूरी बात
मंडी के वरिष्ठ व्यापारियों का कहना है कि इस बार कीमतों में उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण नमी (Moisture) है। जिन किसानों की फसल में नमी कम है और दाना साफ है, उन्हें बोली में बेहतर दाम मिल रहे हैं।
विशेष नोट: चकरपुर मंडी के ये भाव थोक स्तर के हैं। खुदरा बाजार (Retail Market) में परिवहन और मुनाफे के कारण कीमतें 10% से 20% तक अधिक हो सकती हैं।
भविष्य का अनुमान (Market Outlook)
आने वाले दिनों में यदि मौसम साफ रहता है और आवक बढ़ती है, तो गेहूं की कीमतों में स्थिरता आ सकती है। हालांकि, सरसों और दलहन की सीमित आपूर्ति को देखते हुए इनके दामों में फिलहाल बड़ी गिरावट की संभावना कम नजर आ रही है।
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