नई दिल्ली | शनिवार, 4 अप्रैल 2026
देश की राजधानी में कानून का इकबाल बुलंद करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शनिवार सुबह एक बड़ी कामयाबी हासिल की। दक्षिण-पूर्वी जिले के बदरपुर इलाके में हुई एक संक्षिप्त लेकिन भीषण मुठभेड़ के बाद पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर मोहम्मद सलीम उर्फ “गांजा” को गिरफ्तार कर लिया है। सलीम के पैर में गोली लगी है और वह फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में उपचाराधीन है।
कैसे बिछाया गया जाल?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, STF को गुप्त सूचना मिली थी कि सलीम किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से बदरपुर सीमा के पास आने वाला है। शनिवार सुबह करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच, जब पुलिस ने उसे घेरा, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय अपनी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें एक गोली सलीम के बाएं पैर में लगी। मौके से एक पिस्तौल, चार खाली खोखे और एक स्कूटर बरामद किया गया है।
अपराध का काला चिट्ठा: 75 केस और खूनी इतिहास
सलीम कोई मामूली अपराधी नहीं है; वह दिल्ली पुलिस की हिट लिस्ट में लंबे समय से शामिल था। उसके खिलाफ दर्ज मामलों की फेहरिस्त डराने वाली है:
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कुल मामले: 75 से अधिक (हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और रंगदारी)।
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वांटेड लिस्ट: दिल्ली के विभिन्न थानों में 20 से अधिक सक्रिय मामलों में फरार।
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गैंगस्टर कनेक्शन: वह नासिर और दानिश पहलवान गैंग का मुख्य मोहरा माना जाता है।
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बड़ी वारदात: सलीम कुख्यात गैंगस्टर सलीम पहलवान की सनसनीखेज हत्या में भी मुख्य आरोपी रहा है और इस मामले में 8 साल की सजा भी काट चुका है।
पुलिस की बड़ी सफलता और संदेश
दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को संगठित अपराध के खिलाफ एक “सर्जिकल प्रहार” बताया है। पुलिस के मुताबिक, सलीम की गिरफ्तारी से इलाके में गैंगवार की संभावनाओं पर लगाम लगेगी।
“सलीम एक शातिर अपराधी है जो बार-बार पुलिस को चकमा दे रहा था। इस गिरफ्तारी से नासिर-दानिश गैंग के नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है।” – वरिष्ठ पुलिस अधिकारी
मुख्य बिंदु:
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अपराधी: मोहम्मद सलीम उर्फ “गांजा” (नासिर-दानिश पहलवान गैंग का सदस्य)।
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वारदात: बदरपुर इलाके में STF और अपराधी के बीच सीधी मुठभेड़।
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रिकॉर्ड: 75 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज, 20 मामलों में था मोस्ट वांटेड।
आगे क्या?
फिलहाल, पुलिस अस्पताल में सलीम के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए है। ठीक होते ही उसे रिमांड पर लिया जाएगा, जिससे उसके अन्य साथियों और दिल्ली-NCR में छिपे हथियारों के जखीरे के बारे में पूछताछ की जा सके। इस मुठभेड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दिल्ली पुलिस अपराध मुक्त राजधानी के अपने संकल्प पर अडिग है।
Matribhumisamachar


