नाशिक । बुधवार, 13 मई 2026
महाराष्ट्र सरकार वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले विशाल धार्मिक समागम सिंहस्थ कुंभ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल बनाने के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की विशेषज्ञता और उनके स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (SOPs) को अपनाने की योजना बना रही है। नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए भीड़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए काशी के सफल मॉडल को सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।
काशी और प्रयागराज से ली जा रही है प्रेरणा
हाल ही में महाराष्ट्र के उच्चाधिकारियों की एक टीम ने काशी और प्रयागराज का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अध्ययन किया। इस अध्ययन का मुख्य केंद्र बिंदु निम्नलिखित थे:
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एकीकृत प्रबंधन मॉडल: भीड़ प्रबंधन, रियल-टाइम सीसीटीवी निगरानी और जोन-आधारित नियंत्रण।
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डिजिटल समाधान: श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने के लिए ऐप-आधारित टोकन सिस्टम।
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कॉरिडोर विकास: त्र्यंबकेश्वर में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर सुविधाओं का विस्तार।
बजट और विकास योजनाएं
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस महापर्व के लिए लगभग 35,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की है। इस भारी भरकम बजट का उपयोग सड़कों के चौड़ीकरण, नाशिक रिंग रोड परियोजना, रेलवे स्टेशनों के विस्तार और साधु-संतों के लिए स्थायी ‘साधुग्राम’ के निर्माण में किया जाएगा।
विशेष तथ्य: प्रयागराज महाकुंभ 2025 में 60 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था, जहां काशी प्रशासन के भीड़ प्रबंधन की दुनिया भर में सराहना हुई थी।
आधिकारिक प्रस्ताव का इंतज़ार
श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अनुसार, नाशिक प्रशासन ने अध्ययन दौरा तो किया है, लेकिन अभी तक आधिकारिक प्रस्ताव नहीं भेजा है। प्रस्ताव मिलते ही प्राधिकरण बोर्ड द्वारा स्वीकृत प्रक्रिया के अनुसार कंसल्टेंसी सेवाएं प्रदान करेगा।
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