भोपाल । शनिवार, 13 जून 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने एक खुफिया इनपुट के आधार पर भोपाल के काजी कैंप इलाके में बड़ी कार्रवाई की है। एटीएस की टीम ने नन्हें बी की मस्जिद के पास से एक संदिग्ध एजेंट, जिसका नाम मोहम्मद फराज है, को धर दबोचा है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 16 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पाकिस्तानी हैंडलर ‘शाहिद खालिद’ और कोड नेम ‘सैफुल्लाह’
एटीएस की शुरुआती पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े करने वाले हैं। जांच में यह साफ हुआ है कि मोहम्मद फराज सीधे तौर पर सरहद पार बैठे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। वह एक पाकिस्तानी व्हाट्सएप ग्रुप का सक्रिय सदस्य था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे उसके मुख्य हैंडलर ‘शाहिद खालिद’ ने फराज को देश विरोधी हरकतों को अंजाम देने के लिए एक खास कोड नेम दिया था—‘सैफुल्लाह’। इसी नाम की आड़ में फराज स्थानीय लड़कों को देश विरोधी नेटवर्क में शामिल कर रहा था।
क्या था आरोपी का असली मकसद?
एटीएस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आरोपी का मुख्य काम मध्य प्रदेश और स्थानीय इलाकों के युवाओं को चिन्हित करना और उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए जोड़ना था। इसके बाद वह पाकिस्तान से मिलने वाले कथित जिहादी दस्तावेजों और सामग्रियों की मदद से इन युवाओं का ब्रेनवॉश करता था, ताकि उन्हें देश विरोधी गतिविधियों और कथित ‘जिहाद’ के रास्ते पर धकेला जा सके।
यूपी के देवबंद से जुड़ा कनेक्शन और अफगानिस्तान की तैयारी
इस पूरे नेटवर्क की जड़ें सिर्फ भोपाल या पाकिस्तान तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके तार उत्तर प्रदेश से भी जुड़ रहे हैं। जांच के दौरान यूपी के देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला का नाम सामने आया है। नईम अब्दुल्ला ही वह कड़ी था, जिसने मोहम्मद फराज की मुलाकात पाकिस्तानी हैंडलर शाहिद खालिद से करवाई थी। एटीएस को देवबंद में कुछ अन्य संदिग्धों के होने की भी आशंका है, जिनकी तलाश की जा रही है।
इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियों को यह भी पता चला है कि फराज सिर्फ भारत में नेटवर्क चलाने तक सीमित नहीं रहना चाहता था। वह विशेष और उच्च स्तर की ट्रेनिंग हासिल करने के लिए अफगानिस्तान जाने की फिराक में था। इसके लिए वह पूरी तैयारी कर रहा था और खुद को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग भी ले रहा था।
भारी मात्रा में जिहादी सामग्री बरामद
गिरफ्तारी के वक्त एटीएस ने आरोपी मोहम्मद फराज के पास से बड़ी मात्रा में संदिग्ध डिजिटल और लिखित दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें पाकिस्तान से भेजे गए कई ऐसे मैटेरियल्स शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल युवाओं को भड़काने के लिए किया जाता था। फिलहाल एटीएस मध्य प्रदेश में उसके अन्य मददगारों और उसके पूरे विदेशी फंडिंग या संपर्कों को खंगालने में जुटी है। रिमांड के दौरान इस मामले में और भी कई बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।
Matribhumisamachar


