क्वेटा । मंगलवार, 14 जुलाई 2026
बलूचिस्तान के खुजदार शहर में एक बेहद चौंकाने वाले और बड़े हमले में प्रतिबंधित विद्रोही संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने भारी तबाही मचाई है। BLA के दावों के मुताबिक, बलूचिस्तान के खुजदार में स्थित इस्लामिक स्टेट (ISIS-K) के कुख्यात कमांडर और ‘डेथ स्क्वॉड’ के सरगना शफीक मेंगल के अभेद्य माने जाने वाले कंपाउंड पर एक सुनियोजित और भीषण आत्मघाती हमला किया गया। इस भीषण धमाके और उसके बाद हुई गोलीबारी में 34 लोग मारे गए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तानी सेना, खुफिया एजेंसी ISI और वैश्विक आतंकी संगठनों के बीच चल रहे अपवित्र गठजोड़ (नेक्सस) को वैश्विक मंच पर बेनकाब कर दिया है।
‘ऑपरेशन मुर्ग-ए-गदरान’ की शुरुआत और मजीद ब्रिगेड का हमला
BLA के आधिकारिक प्रवक्ता जीयांद बलोच द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार, इस बड़े ऑपरेशन को BLA के विशेष आत्मघाती दस्ते ‘मजीद ब्रिगेड’ ने अंजाम दिया है। संगठन ने इसे अपने नए और व्यापक आक्रामक अभियान ‘ऑपरेशन मुर्ग-ए-गदरान’ की आधिकारिक शुरुआत घोषित किया है।
हमले की रणनीति बेहद आक्रामक थी। मजीद ब्रिगेड के एक फिदायीन (आत्मघाती हमलावर) ने विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी को तेज रफ्तार में खुजदार स्थित कंपाउंड के मुख्य गेट से टकरा दिया। इस जबरदस्त धमाके के कारण कंपाउंड की बाहरी सुरक्षा चौकियां तुरंत तबाह हो गईं और वहां तैनात लगभग 20 हथियारबंद गार्ड मौके पर ही मारे गए। गेट ध्वस्त होते ही भारी हथियारों से लैस BLA के लड़ाके अंदर घुस गए और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
पाक ISI और आतंकी संगठनों के गठजोड़ का पर्दाफाश
BLA की खुफिया विंग ‘ज़िरब’ (Zirab) पिछले कई हफ्तों से इस कंपाउंड की रेकी कर रही थी। हमले के वक्त इस खुफिया ठिकाने पर एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक चल रही थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बलूच राजनीतिक और स्वतंत्रता आंदोलन को कुचलने के लिए एक दमनकारी रणनीति तैयार करना था।
जब हमला हुआ, तब उस बैठक में निम्नलिखित तत्व मौजूद थे, जिनमें से कई मारे गए हैं:
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शफीक मेंगल के निजी डेथ स्क्वॉड के सदस्य: जो बलूचिस्तान में कार्यकर्ताओं और छात्रों के अपहरण व हत्या में शामिल रहे हैं।
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लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर: भारत में कई बड़े आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठन लश्कर के कमांडर भी इस बैठक का हिस्सा थे।
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इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS-K) के कमांडर: वैश्विक आतंकी नेटवर्क ISIS के क्षेत्रीय कमांडर।
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पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी (ISI): जो इन सभी आतंकी गुटों को एक साथ लाकर बलूच आंदोलन के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए समन्वय कर रहे थे।
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अफगानिस्तान के असंतुष्ट पूर्व सैनिक: जिनका इस्तेमाल भाड़े के लड़ाकों के रूप में किया जा रहा था।
हालांकि, इस हमले में मुख्य टारगेट शफीक मेंगल किसी तरह सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहा, जिसे बाद में पाकिस्तानी सेना ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
इस हमले ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तानी सेना और ISI एक तरफ तो आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का ढोंग रचते हैं, वहीं दूसरी तरफ बलूच लोगों की आवाज दबाने के लिए लश्कर-ए-तैयबा और ISIS-K जैसे खतरनाक संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) क्या है?
Ans: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) बलूचिस्तान प्रांत का एक प्रमुख विद्रोही संगठन है, जो पाकिस्तान से बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए सशस्त्र संघर्ष कर रहा है।
Q2. मजीद ब्रिगेड क्या है जिसने इस हमले को अंजाम दिया?
Ans: मजीद ब्रिगेड बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का एक बेहद घातक और विशिष्ट आत्मघाती दस्ता (Fedayeen Wing) है, जो बड़े और उच्च-प्रोफाइल ठिकानों पर फिदायीन हमलों के लिए जाना जाता है।
Q3. ‘ऑपरेशन मुर्ग-ए-गदरान’ क्या है?
Ans: यह BLA द्वारा पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और उनके सहयोगी डेथ स्क्वॉड/आतंकी संगठनों के खिलाफ शुरू किया गया एक नया और व्यापक सैन्य अभियान है, जिसकी शुरुआत खुजदार हमले से हुई है।
Q4. शफीक मेंगल कौन है?
Ans: शफीक मेंगल पाकिस्तान समर्थित एक कुख्यात डेथ स्क्वॉड का नेता है, जिस पर पाकिस्तानी सेना और ISI की शह पर बलूच कार्यकर्ताओं के अपहरण, जबरन गायब करने और उनकी हत्याओं में शामिल होने का आरोप है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयानों और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है。 इस घटना के संबंध में पाकिस्तानी सैन्य तंत्र अक्सर स्वतंत्र मीडिया कवरेज को सीमित रखता है।
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