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मित्रता की आड़ में हैवानियत: रतलाम में भाई के दोस्त ने नाबालिग से किया दुष्कर्म, दो बार गर्भपात के बाद कराया जबरन धर्मांतरण

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रतलाम । सोमवार, 15 जून 2026

मध्य प्रदेश के रतलाम से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने विश्वास और दोस्ती के रिश्ते को तार-तार कर दिया है। शहर के डीडी नगर क्षेत्र की रहने वाली एक 19 वर्षीय पीड़िता ने अपने भाई के ही दोस्त समीर (निवासी: रामरहीम नगर) के खिलाफ जबरन धर्मांतरण, बार-बार दुष्कर्म (रेप), जबरन गर्भपात और घरेलू हिंसा की गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज कराई है। यह प्रताड़ना पिछले तीन वर्षों से लगातार जारी थी।

विश्वासघात की शुरुआत: 11वीं की छात्रा को बनाया शिकार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी समीर का पीड़िता के घर आना-जाना था क्योंकि वह पीड़िता के भाई का करीबी दोस्त था। इसी पहचान का फायदा उठाकर उसने साल 2023 में पीड़िता से नजदीकियां बढ़ाईं। उस समय पीड़िता महज 11वीं कक्षा की छात्रा थी और कानूनी तौर पर नाबालिग थी। आरोपी उसे बहला-फुसलाकर रामरहीम नगर स्थित अपने घर ले गया, जहां उसने पहली बार पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।

चाकू की नोक पर बार-बार अत्याचार और दो बार अबॉर्शन

पहली बार गलत काम करने के बाद जब पीड़िता गर्भवती (प्रेग्नेंट) हो गई, तो आरोपी समीर के पैर उखड़ गए। उसने समाज और कानून के डर से पीड़िता को जबरन गर्भपात (अबॉर्शन) की दवाइयां दे दीं। जब पीड़िता ने इसका विरोध करना चाहा, तो आरोपी ने उसे चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। उसने कहा:

“अगर इस बारे में किसी को भी कुछ बताया, तो तुम्हें और तुम्हारे भाई को जान से मारकर फेंक दूंगा।”

इस डर के साए में रहकर पीड़िता चुप रही, जिसका फायदा उठाकर आरोपी चाकू की नोक पर बार-बार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। कुछ समय बाद पीड़िता दोबारा गर्भवती हो गई।

डरा-धमकाकर जबरन धर्मांतरण और निकाह

पीड़िता के दोबारा गर्भवती होने पर आरोपी समीर उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले गया। वहां उसने पीड़िता को डराया-धमकाया और उसकी मर्जी के खिलाफ, डरा-धमकाकर उसका धर्म परिवर्तन (धर्मांतरण) कराया और जबरन निकाह कर लिया। निकाह के बाद वह उसे अपने घर ले आया और उसके अपने माता-पिता व परिजनों से मिलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। वर्तमान में पीड़िता का एक 9 महीने का बच्चा है।

महत्वपूर्ण तथ्य 

शिकायत के आधार पर इस मामले में कुछ बेहद गंभीर कानूनी और व्यावहारिक बिंदु उभर कर आते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है:

  1. पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) का उल्लंघन: पीड़िता ने बताया कि पहला अपराध 2023 में हुआ जब वह 11वीं की छात्रा (नाबालिग) थी। कानूनन, नाबालिग के साथ सहमति या बिना सहमति के बनाया गया संबंध ‘दुष्कर्म’ की श्रेणी में आता है। इसलिए आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BJS) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी।

  2. मध्य प्रदेश सख्त धर्मांतरण कानून: मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (2021) के तहत शादी के लिए या डरा-धमकाकर किया गया धर्मांतरण पूरी तरह अवैध है। इसमें आरोपी को न्यूनतम 2 से अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

  3. जबरन गर्भपात (Forced Miscarriage): महिला की सहमति के बिना या दबाव डालकर गर्भपात कराना कानूनी रूप से एक अलग और बेहद गंभीर अपराध है, जिसमें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

टॉर्चर बढ़ा तो हिम्मत जुटाकर पहुंची पुलिस के पास

बच्चे के जन्म के बाद समीर का अत्याचार और बढ़ गया। वह आए दिन पीड़िता के साथ मारपीट करता और कहता कि “मेरे पास तेरे जैसी बहुत हैं, ज्यादा कुछ करेगी तो जान से मार दूंगा।”

प्रताड़ना असहनीय होने पर पीड़िता ने गुपचुप तरीके से अपने मायके वालों को इसकी सूचना दी। 8 जून को भी आरोपी ने पीड़िता के साथ बर्बरता से मारपीट की, जिसके निशान उसके शरीर पर मौजूद हैं। हद तो तब हो गई जब 10 जून को आरोपी ने पीड़िता से उसका 9 महीने का बच्चा छीनने की कोशिश की। स्थानीय लोगों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन जाते-जाते समीर ने पीड़िता के भाई को चाकू से गोदकर मारने की धमकी दी। इस लगातार मिल रही धमकियों और प्रताड़ना से तंग आकर अंततः पीड़िता ने पुलिस थाने में न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश और सख्त कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

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