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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी SIT की अंतरिम रिपोर्ट, सुरक्षा और नियुक्तियों पर उठे गंभीर सवाल

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अयोध्या में मुख्य द्वार से दिखने वाला भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर.

अयोध्या । शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावे) की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया है। इस संवेदनशील मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) आने वाले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शीर्ष अदालत के सख्त निर्देशों का अनुपालन करते हुए इस प्रगति रिपोर्ट को सीधे अदालत के समक्ष दाखिल किया जाएगा।

जांच के दायरे और साक्ष्यों की गंभीरता को देखते हुए, एसआईटी उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कुछ और अतिरिक्त समय की मांग भी कर सकती है। जांच एजेंसी का स्पष्ट रूप से कहना है कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की कड़ियों को अभी जोड़ा जा रहा है और बरामद साक्ष्यों का गहराई से सत्यापन जारी है।

सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में सामने आए चौंकाने वाले सुराग

एसआईटी अब तक मंदिर परिसर की चढ़ावा गणना व्यवस्था, बैंकिंग लेनदेन और आरोपित व्यक्तियों की भूमिका की व्यापक जांच कर चुकी है। हाल ही में कस्टडी रिमांड के दौरान हुई आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी से कई नए सुराग हाथ लगे हैं।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई थी कि 27 अप्रैल से 5 जून के बीच की सीसीटीवी फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं कैद हुई थीं, जहां गिनती कक्ष (Counting Room) में तैनात स्टाफ को कथित तौर पर नकदी छिपाते हुए देखा गया था। इसी लापरवाही और वित्तीय गड़बड़ी को ध्यान में रखते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी।

प्रारंभिक रिपोर्ट में उजागर हुई थीं प्रशासन की 5 बड़ी खामियां

एसआईटी ने 23 जून को उत्तर प्रदेश शासन को अपनी एक प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। सूत्रों के मुताबिक, उस रिपोर्ट में मंदिर के प्रशासनिक ढांचे, वित्तीय संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी पांच प्रमुख खामियों को रेखांकित किया गया था:

  1. दानराशि प्रबंधन और सुरक्षा में ढिलाई: श्रद्धालुओं के चढ़ावे को मंदिर परिसर के दानपात्रों से लेकर बैंक तक पहुंचाने और गिनती कक्ष के भीतर की सुरक्षा व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं थी। कर्मचारियों की चेकिंग का कोई सख्त प्रोटोकॉल नहीं था।

  2. सोना-चांदी के रिकॉर्ड में अनियमितता: रामलला को समर्पित किए जाने वाले मूल्यवान सोने और चांदी के आभूषणों का कोई पुख्ता और पारदर्शी रिकॉर्ड (अभिलेख) नहीं रखा जा रहा था।

  3. नियुक्तियों में सिफारिशी खेल: रिपोर्ट में संकेत दिए गए कि मंदिर प्रशासन के कुछ महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां निर्धारित योग्यता और पारदर्शी प्रक्रिया के बजाय व्यक्तिगत सिफारिशों के आधार पर की गईं, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही कमजोर हुई।

  4. सामग्री खरीद (Purchase) प्रणाली में अपारदर्शिता: मंदिर की आवश्यकताओं के लिए की जाने वाली सामग्री खरीद में तय नियमों की अनदेखी करने तथा वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन करने के संकेत मिले हैं।

  5. प्रसाद वितरण और सीता रसोई पर सवाल: प्रसाद प्रबंधन और सीता रसोई के संचालन में यह पाया गया कि कुछ आवश्यक खाद्य सामग्रियों की खरीद खुले बाजार के मूल्य से काफी अधिक दरों पर की गई थी।

एसआईटी ने इन सभी कमियों को दूर करने के लिए व्यवस्था में कड़े सुधारात्मक कदम उठाने और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मजबूत सिफारिश की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी भरोसा दिलाया है कि आस्था के इस केंद्र में गड़बड़ी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी (SIT) कब रिपोर्ट पेश करेगी?

उत्तर: विशेष जांच टीम (SIT) सोमवार को अपनी अंतरिम प्रगति रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

प्रश्न 2: एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में कौन सी मुख्य खामियां पाई गईं?

उत्तर: प्रारंभिक रिपोर्ट में मुख्य रूप से पांच खामियां थीं—चढ़ावे की गिनती कक्ष में सुरक्षा की कमी, सोने-चांदी के आभूषणों का समुचित रिकॉर्ड न होना, योग्यता के बजाय सिफारिशों पर नियुक्तियां, बाजार से महंगी दरों पर सामग्री की खरीद, और प्रसाद वितरण व सीता रसोई प्रबंधन में अपारदर्शिता।

प्रश्न 3: सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में किसे नोटिस जारी किया है?

उत्तर: सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जांच की प्रगति रिपोर्ट और जवाब मांगा है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध समाचार सूत्रों, न्यायालयी कार्यवाहियों और एसआईटी जांच के संदर्भ में सामने आई मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। मामले की आधिकारिक जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है, अंतिम निष्कर्ष न्यायालय के निर्णय के अधीन होंगे।

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