वाशिंगटन । शुक्रवार, 17 जुलाई 2026
पश्चिम एशिया (Middle East) में भू-राजनीतिक तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर जारी विवाद के बीच अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाकर भीषण हवाई हमले किए हैं. ईरान के सरकारी मीडिया संस्थान ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग’ (IRIB) और क्षेत्रीय रिपोर्टों के मुताबिक, इन ताजा हमलों में ईरान के दक्षिणी होरमुजगान प्रांत के महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचों, जैसे पुल और रेलवे स्टेशनों को भारी नुकसान पहुंचा है.
ईरान का दावा है कि अमेरिका ने जानबूझकर असैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसमें तीन नागरिकों की मौत हो गई है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. वहीं, अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए की गई है, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहा है.
होरमुजगान प्रांत में तबाही: पुल और रेलवे स्टेशन निशाने पर
ईरानी प्रांतीय प्रशासन और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा संचालित लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने होरमुजगान प्रांत के प्रमुख परिवहन संपर्कों को निशाना बनाया:
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पुलों पर हवाई हमले: बंदर खमीर काउंटी में कोहूरेस्तान गांव के पास स्थित दो पुलों और शोर नदी के निकट बने एक पुल (गिरीवेह ब्रिज) को ध्वस्त कर दिया गया है. ये पुल इस प्रांत के प्रमुख लॉजिस्टिक्स और परिवहन मार्ग माने जाते हैं. खमीर काउंटी में हुए इन हमलों में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
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बंदर अब्बास में तबाही: बंदर अब्बास के तप्पे अल्लाह अकबर इलाके पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और आठ लोग घायल हो गए. इसके अलावा, बंदर अब्बास रेलवे जंक्शन स्टेशन को भी निशाना बनाया गया है.
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घायलों की स्थिति: होरमुजगान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के अनुसार, घायलों में अधिकांश लोग विस्फोट के कारण आई गंभीर चोटों और फ्रैक्चर से पीड़ित हैं.
अमेरिका और ईरान का क्या है रुख?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक पोस्ट जारी कर पुष्टि की कि अमेरिकी बलों ने लगातार छठी रात ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू किए हैं. वाशिंगटन का सीधा आरोप है कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन को अवरुद्ध कर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करने का प्रयास कर रहा है.
हमलों से ठीक पहले, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने संकेत दिया कि अमेरिकी सैन्य दबाव का असर दिख रहा है. उन्होंने कहा, “अमेरिकी सेना की कड़ी कार्रवाई के कारण ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, यही वजह है कि तेहरान लगातार अमेरिका के साथ बैक-चैनल से बातचीत कर रहा है और एक समझौता चाहता है।”
भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारा है, जहां से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है. इस जलमार्ग में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मची हुई है.
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है. होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी प्रकार के गतिरोध से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे भारत में मुद्रास्फीति (महंगाई) और चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) पर सीधा असर पड़ सकता है.
बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) कहां स्थित है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकीर्ण जलडमरूमध्य है. यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, क्योंकि वैश्विक कच्चे तेल के कुल समुद्री व्यापार का लगभग 20% इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है.
प्रश्न 2: अमेरिका ईरान पर हमले क्यों कर रहा है?
उत्तर: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहा है और समुद्री सुरक्षा का उल्लंघन कर रहा है. अमेरिका का उद्देश्य ईरान की इस सैन्य और लॉजिस्टिक्स क्षमता को कमजोर करना है.
प्रश्न 3: ताजा हवाई हमलों में ईरान को क्या नुकसान हुआ है?
उत्तर: ईरान के होरमुजगान प्रांत में कोहूरेस्तान और गिरीवेह जैसे प्रमुख रणनीतिक पुल, शोर नदी के पास का बुनियादी ढांचा और बंदर अब्बास का रेलवे जंक्शन स्टेशन क्षतिग्रस्त हुआ है. सरकारी मीडिया के अनुसार, इसमें तीन नागरिकों की मौत हुई है.
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय समाचारों, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के बयानों और ईरानी सरकारी मीडिया (IRIB) की रिपोर्टों पर आधारित है. भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं, अतः नवीनतम अपडेट के लिए विश्वसनीय स्रोतों को देखते रहें
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