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सऊदी अरब का नया वीजा नियम: भारतीय प्रोफेशनल्स और स्टार्टअप्स पर पड़ेगा सीधा असर, जानें क्या बदले नियम

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एक विस्तृत इन्फोग्राफिक, जो सऊदी अरब के Qiwa प्लेटफ़ॉर्म द्वारा वर्क वीजा नियमों में किए गए हालिया और महत्वपूर्ण बदलावों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इन्फोग्राफिक तीन मुख्य भागों में विभाजित है, जिसमें शीर्षक हिंदी में लिखा है: "सऊदी अरब वर्क वीजा नियमों में बड़ा बदलाव: भारतीय प्रोफेशनल्स पर असर"।

रियाद । गुरुवार, 18 जून 2026

सऊदी अरब जाने की इच्छा रखने वाले भारतीय प्रोफेशनल्स और वहां अपनी जमीन तलाश रहे नए स्टार्टअप्स के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (Ministry of Human Resources and Social Development) के प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘किवा’ (Qiwa) ने वर्क परमिट (Work Permit) और वीजा नियमों में एक बड़ा और सख्त बदलाव लागू किया है।

इस नए कदम के तहत सऊदी अरब ने लेबर मार्केट को अधिक व्यवस्थित करने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए नई शुरू हुई कंपनियों के लिए ‘तुरंत मिलने वाले वर्क वीजा’ (Instant Work Visas) की अधिकतम संख्या को सीमित कर दिया है।

आइए इस विस्तृत लेख में समझते हैं कि यह पूरा बदलाव क्या है, इसके पीछे की शर्तें कौन सी हैं और सऊदी अरब में सबसे बड़ी तादाद में मौजूद भारतीय कार्यबल (Indian Workforce) पर इसका क्या संभावित असर होने वाला है।

1. कंपनियों के ‘उम्र’ के हिसाब से तय होगी वीजा की सीमा

‘किवा’ (Qiwa) प्लेटफॉर्म द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब किसी भी कंपनी को तुरंत वीजा जारी करने की क्षमता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कंपनी कितनी पुरानी है:

  • 2 साल से कम पुरानी कंपनियां (स्टार्टअप्स): ऐसी नई कंपनियां जो अभी शुरुआती चरण में हैं या जिन्हें शुरू हुए 2 साल से कम का समय हुआ है, वे अब एक बार में या एक निश्चित अवधि में अधिकतम 5 इंस्टेंट वर्क वीजा ही हासिल कर सकेंगी। इसका सीधा मतलब है कि नई कंपनियां अब विदेशों से एक साथ बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तुरंत भर्ती नहीं कर पाएंगी।

  • 2 साल से अधिक पुरानी कंपनियां (स्थापित बिजनेस): जो कंपनियां सऊदी अरब में पिछले 2 साल या उससे अधिक समय से सफलतापूर्वक काम कर रही हैं, उनके लिए यह सीमा काफी बड़ी रखी गई है। ये स्थापित कंपनियां 50 इंस्टेंट वीजा तक के लिए पात्र होंगी। वे चाहें तो इन 50 वीजा के लिए एक ही बार में आवेदन कर सकती हैं या एक ही हफ्ते के भीतर अलग-अलग टुकड़ों में कई बार आवेदन जमा कर सकती हैं।

2. विदेशी कर्मचारियों की भर्ती के लिए 10 कड़ी शर्तें

सऊदी अरब के लेबर मार्केट को रेगुलेट करने के लिए केवल वीजा संख्या ही कम नहीं की गई है, बल्कि Qiwa प्लेटफॉर्म ने किसी भी गैर-सऊदी (विदेशी) नागरिक को नौकरी पर रखने के लिए 10 सूत्रीय नियम और शर्तें अनिवार्य कर दी हैं। इन प्रमुख शर्तों में शामिल हैं:

  1. एक्टिव बिजनेस स्टेटस: आवेदन करने वाली कंपनी का व्यावसायिक स्टेटस पूरी तरह से सक्रिय (Active) होना चाहिए।

  2. वैध दस्तावेज: व्यवसाय के पास वैध कमर्शियल रजिस्ट्रेशन (Commercial Registration) और नियमों के अनुसार वर्क परमिट होना चाहिए।

  3. सऊदीकरण (Nitaqat System) का पालन: कंपनियों को सऊदी सरकार की ‘सऊदीकरण’ नीति के तहत कम से कम ‘मीडियम ग्रीन’ (Medium Green) कैटेगरी या उससे ऊपर की कैटेगरी में बने रहना होगा। (सऊदीकरण का मतलब है कि कंपनी में एक तय अनुपात में स्थानीय सऊदी नागरिकों को रोजगार मिला होना चाहिए)।

  4. वेज प्रोटेक्शन सिस्टम (WPS): कंपनियों के लिए ‘वेतन सुरक्षा प्रणाली’ का पालन करना अनिवार्य है, ताकि कर्मचारियों के वेतन में किसी भी प्रकार की देरी या अनियमितता न हो।

  5. सरकारी प्लेटफॉर्म्स पर पर्याप्त बैलेंस: कंपनियों को ‘अब्शेर’ (Absher) या ‘मुकीम’ (Muqeem) जैसे जरूरी सरकारी पोर्टल्स पर आवश्यक सरकारी फीस के लिए पर्याप्त फंड या बैलेंस बनाए रखना होगा।

  6. सालाना सेल्फ-असेसमेंट (Self-Assessment): जिन कंपनियों में 10 या उससे अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं, उनके लिए हर साल अपना ‘आत्म-मूल्यांकन’ (Self-Assessment) करना और उसकी रिपोर्ट सबमिट करना अनिवार्य होगा।

  7. कार्यस्थल का पंजीकरण (Workplace Registration): Qiwa प्लेटफॉर्म पर यह स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए कि कर्मचारी किस निश्चित जगह पर बैठकर काम करेंगे।

  8. न्यूनतम आयु सीमा: सऊदी अरब में वर्क वीजा पर आने वाले किसी भी विदेशी कर्मचारी की न्यूनतम उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

  9. भर्ती कोटा का संतुलन: कंपनी के पास वीजा के प्रकार के आधार पर सरकार द्वारा निर्धारित पर्याप्त कोटा बैलेंस होना अनिवार्य है।

3. भारतीय प्रोफेशनल्स और कंपनियों पर क्या होगा इसका असर?

सऊदी अरब में काम करने वाले विदेशी प्रवासियों में भारतीयों की संख्या सबसे अधिक है। चाहे आईटी (IT) सेक्टर हो, कंस्ट्रक्शन हो, या फिर मैनेजमेंट—हर जगह भारतीय प्रोफेशनल्स अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में इस नए नियम के दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं:

स्टार्टअप्स में नौकरियों के अवसर होंगे कम

यदि कोई भारतीय उद्यमी सऊदी अरब में नया स्टार्टअप या कंपनी शुरू कर रहा है, तो वह शुरुआत में भारत से अपनी पूरी कोर टीम को तुरंत सऊदी नहीं बुला पाएगा। 5 वीजा की सीमा होने के कारण शुरुआती दौर में भर्ती की प्रक्रिया बेहद धीमी हो जाएगी, जिससे कंपनियों के विस्तार की गति प्रभावित हो सकती है।

भारतीय प्रोफेशनल्स की प्राथमिकताओं में बदलाव

जो भारतीय प्रोफेशनल्स सऊदी अरब में नई नौकरियों की तलाश कर रहे हैं, वे अब नई कंपनियों या स्टार्टअप्स के साथ जुड़ने में थोड़ा संकोच कर सकते हैं। इसकी वजह यह है कि नई कंपनियों के पास वीजा कोटा सीमित होगा, जिससे प्रक्रिया में देरी हो सकती है। इसके विपरीत, प्रोफेशनल्स उन कंपनियों को अधिक प्राथमिकता देंगे जो 2 साल से अधिक पुरानी हैं, क्योंकि उनके पास 50 वीजा तक का बड़ा कोटा होगा और वहां वीजा ट्रांसफर या प्रोसेसिंग तेजी से हो सकेगी।

नियमों में सुधार और पारदर्शिता (संभावित सुधार)

हालांकि यह नियम शुरुआत में कड़ा लग सकता है, लेकिन ‘वेज प्रोटेक्शन सिस्टम’ और ‘Qiwa कार्यस्थल पंजीकरण’ जैसी शर्तों के अनिवार्य होने से वहां काम करने वाले भारतीय मूल के कर्मचारियों के हितों की रक्षा होगी। उन्हें समय पर वेतन मिलेगा और धोखाधड़ी या फर्जी कंपनियों के चंगुल में फंसने का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाएगा।

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