मुंबई. भारतीय कमोडिटी बाजार के निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए आज का दिन एक नई ऊर्जा लेकर आया है। देश के प्रमुख एक्सचेंजों— मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) — ने सोने और चांदी के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर लगाए गए अतिरिक्त मार्जिन (Additional Margin) को पूरी तरह वापस लेने का ऐतिहासिक फैसला किया है। यह आदेश आज, गुरुवार (19 फरवरी) से प्रभावी हो गया है।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
फरवरी की शुरुआत में कीमती धातुओं की कीमतों में आई ‘असामान्य अस्थिरता’ और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मची उथल-पुथल को देखते हुए एक्सचेंजों ने जोखिम प्रबंधन (Risk Management) के तहत कड़े कदम उठाए थे।
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पिछला घटनाक्रम: 4-6 फरवरी के बीच चांदी पर 7% और सोने पर 3% का अतिरिक्त मार्जिन थोपा गया था। इसका उद्देश्य सट्टेबाजी को रोकना और बाजार को क्रैश होने से बचाना था।
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मौजूदा स्थिति: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में अब एक ‘हेल्दी करेक्शन’ आ चुका है। सोना अपने हालिया रिकॉर्ड उच्च स्तरों से गिरकर ₹1.54 – ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम की रेंज में स्थिर हो रहा है, जिससे एक्सचेंजों ने इन सख्त उपायों को हटाने का निर्णय लिया है।
मुख्य बदलाव: एक नजर में
| कमोडिटी | हटाया गया मार्जिन | नया प्रभाव (Impact) |
| सोना (Gold) | 3% | ट्रेडिंग लागत घटेगी; सभी वेरिएंट्स (Mudd, Petal, Guinea) में वॉल्यूम बढ़ेगा। |
| चांदी (Silver) | 7% | ट्रेडर्स को अब लाखों की पूंजी ब्लॉक करने की जरूरत नहीं होगी; लिक्विडिटी में सुधार होगा। |
बाजार और निवेशकों पर क्या होगा असर?
1. कम पूंजी में ज्यादा कारोबार (High Leverage)
अतिरिक्त मार्जिन हटने का सीधा मतलब है कि अब ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन खड़ी करने के लिए एक्सचेंज के पास कम कैश/कोलेटरल जमा करना होगा। उदाहरण के तौर पर, चांदी के एक बड़े लॉट पर जहां पहले अतिरिक्त ₹1.5 – ₹2 लाख तक ब्लॉक हो रहे थे, अब वह पूंजी फ्री हो जाएगी।
2. छोटे और रिटेल निवेशकों की वापसी
ऊंची मार्जिन दरों के कारण पिछले दो हफ्तों में रिटेल निवेशकों की भागीदारी 30-40% तक घट गई थी। अब लागत कम होने से बाजार में छोटे खिलाड़ियों की वापसी होगी, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
3. कीमतों पर असर: क्या फिर से ‘रॉकेट’ बनेगा सोना?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मार्जिन घटने से खरीदारी की क्षमता (Buying Power) बढ़ती है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव (जैसे हालिया अमेरिका-ईरान वार्ता के संकेत) कम होते हैं और डॉलर इंडेक्स स्थिर रहता है, तो घरेलू बाजार में मांग बढ़ने से कीमतों को मजबूत सपोर्ट मिल सकता है।
एक्सपर्ट राय: ‘सावधानी भी है जरूरी’
कमोडिटी एनालिस्ट्स के अनुसार, यह कदम ट्रेडर्स के लिए ‘बूस्टर डोज’ जैसा है। हालांकि, निवेशकों को एक चेतावनी भी दी गई है:
“कम मार्जिन का मतलब ‘ज्यादा लीवरेज’ होता है। इसका अर्थ है कि मुनाफा जितना तेज हो सकता है, नुकसान भी उतना ही गहरा। इसलिए, कीमतों में उतार-चढ़ाव (Volatility) के दौरान सख्त Stop Loss का पालन जरूर करें।”
आज के ताजा भाव (19 फरवरी 2026)
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MCX Gold (अप्रैल वायदा): ₹1,56,000 प्रति 10 ग्राम के करीब।
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MCX Silver (मार्च वायदा): ₹2,42,000 – ₹2,45,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर।
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का विश्लेषण – matribhumisamachar.com
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