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J&K में आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़: वन विभाग के कर्मचारी सहित 5 गिरफ्तार, ग्रेनेड और विस्फोटक जब्त

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जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा गिरफ्तार आतंकियों में से दो

जम्मू । शुक्रवार, 19 जून 2026

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उनके जमीनी नेटवर्क (Over Ground Workers – OGWs) के खिलाफ सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। केंद्र शासित प्रदेश के दो अलग-अलग जिलों—किश्तवाड़ और शोपियां—में पुलिस और सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान चलाकर एक सरकारी कर्मचारी समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

इन गिरफ्तारियों के साथ ही सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों, कारतूसों और खतरनाक प्लास्टिक विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया है, जिससे किसी बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है।

किश्तवाड़: वन विभाग का कर्मचारी निकला आतंकियों का मददगार

किश्तवाड़ जिला पुलिस ने स्थानीय आतंकियों को रसद, सूचना और अन्य रणनीतिक सहायता पहुंचाने के आरोप में दो लोगों को धर-दबोचा है। इस कार्रवाई की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक वन विभाग का सक्रिय सरकारी कर्मचारी है।

  • आरोपियों की पहचान: पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान दच्छन क्षेत्र के टंडर गांव निवासी तारिक अहमद गिनू और मोहम्मद इकबाल के रूप में हुई है। इनमें से तारिक अहमद गिनू वन विभाग में कार्यरत है।

  • क्या था इनका काम: ये दोनों आरोपी स्थानीय स्तर पर सक्रिय आतंकवादियों की गतिविधियों को सुगम बनाने, उन्हें सुरक्षित पनाह देने और सुरक्षाबलों की आवाजाही की जानकारी साझा करने में मदद करते थे।

  • पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां: एसएसपी किश्तवाड़ नरेश सिंह ने बताया कि यह एक बड़ा नेटवर्क है। इसी मामले में इससे पहले छात्रू क्षेत्र से भी दो अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही और सघन जांच के दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों द्वारा छिपाकर रखे गए गोला-बारूद को बरामद किया है। बरामद सामग्री में शामिल हैं:

  • 16 लाइव कारतूस

  • 47 खाली खोखे (जिनका इस्तेमाल रीफिलिंग या अन्य गतिविधियों में होना था)

  • 2 हैंड ग्रेनेड

एसएसपी किश्तवाड़ के मुताबिक, पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन हथियारों की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इस नेटवर्क में सरकारी तंत्र के और कितने लोग शामिल हैं।

शोपियां: हिजबुल मुजाहिदीन मॉड्यूल का भंडाफोड़, 3 लापता युवक गिरफ्तार

एक अन्य बड़ी कार्रवाई में कश्मीर घाटी के शोपियां जिले की पुलिस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पुदसू इलाके में नाकाबंदी और तलाशी अभियान के दौरान तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया।

  • आरोपियों की पहचान: गिरफ्तार युवकों की पहचान एजाज अहमद खांडे, अरबाज अहमद मीर और नासिर अहमद डार के रूप में हुई है। ये तीनों बेगमा (शोपियां) के रहने वाले हैं।

  • 31 मई से थे लापता: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ये तीनों युवक बीते 31 मई से अचानक अपने घरों से लापता हो गए थे। पुलिस को आशंका है कि इस दौरान इन्हें आतंकी संगठन द्वारा विशेष रूप से किसी घटना को अंजाम देने के लिए ट्रेंड किया जा रहा था या ये ओजीडब्ल्यू (OGW) के रूप में काम कर रहे थे।

खतरनाक प्लास्टिक एक्सप्लोसिव बरामद

शोपियां में इन संदिग्धों के पास से जो सामग्री मिली है, उसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं:

  • लगभग 2.5 किलोग्राम प्लास्टिक एक्सप्लोसिव (विस्फोटक)

  • 2 हैंड ग्रेनेड

  • 4 मोबाइल फोन (जिनका उपयोग सीमा पार आकाओं से संपर्क के लिए किया जा रहा था)

  • हिजबुल मुजाहिदीन के धमकी भरे पोस्टर और साहित्य

पुलिस अब इन तीनों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतने बड़े पैमाने पर प्लास्टिक एक्सप्लोसिव लाने का उनका मुख्य मकसद क्या था और कश्मीर में उनका अगला टारगेट कौन था।

सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर और आगे की रणनीति

जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के अधिकारियों का कहना है कि घाटी में आतंकियों की संख्या में भारी कमी आने के बाद अब सीमा पार बैठे हैंडलर स्थानीय सरकारी कर्मचारियों और युवाओं को स्लीपर सेल या ओजीडब्ल्यू के रूप में इस्तेमाल करने की फिराक में हैं। किश्तवाड़ में वन विभाग के कर्मचारी की गिरफ्तारी इस बात का सबूत है कि आतंकी नेटवर्क सरकारी विभागों में भी सेंध लगाने की कोशिश कर रहा है।

एसएसपी किश्तवाड़ नरेश सिंह और शोपियां पुलिस के आला अधिकारियों ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और सफेदपोशों और मददगारों की गिरफ्तारियां संभव हैं।

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