नई दिल्ली. भारतीय राजनीति और विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी के लिए आज का दिन एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है। 20 जनवरी 2026 को बिहार के कद्दावर नेता और पांच बार के विधायक नितिन नबीन ने औपचारिक रूप से भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया है। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जे.पी. नड्डा और राजनाथ सिंह की उपस्थिति में यह सत्ता परिवर्तन हुआ।
🚩 ‘नबीन’ युग का आगाज: मुख्य विवरण
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ऐतिहासिक नियुक्ति: 45 वर्षीय नितिन नबीन भाजपा के इतिहास के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं।
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प्रधानमंत्री का संबोधन: प्रधानमंत्री मोदी ने नबीन को अपना ‘बॉस’ बताते हुए कहा कि वे उस पीढ़ी (मिलेनियल) का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने रेडियो से लेकर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तक का सफर देखा है।
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बिहार का गौरव: वे बिहार से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता हैं।
📈 आगामी चुनावों पर प्रभाव और रणनीति
नितिन नबीन की नियुक्ति केवल एक पदोन्नति नहीं, बल्कि 2026 और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा की एक सुविचारित रणनीति का हिस्सा है:
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पीढ़ीगत बदलाव (Generational Shift): भाजपा ने नबीन को आगे कर यह संदेश दिया है कि पार्टी अब युवा नेतृत्व को कमान सौंपने के लिए तैयार है। यह युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं को आकर्षित करने की बड़ी कोशिश है।
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संगठनात्मक मजबूती: नबीन को छत्तीसगढ़ चुनाव (2023) में भाजपा की शानदार जीत का मुख्य रणनीतिकार माना जाता है। उनके संगठनात्मक कौशल का लाभ अब उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों के आगामी चुनावों में उठाने की योजना है।
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गठबंधन की राजनीति: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि नबीन की एक बड़ी जिम्मेदारी NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के सहयोगियों के साथ बेहतर समन्वय बनाना होगा, जो 2029 के लोकसभा चुनावों की नींव रखेगा।
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बिहार की राजनीति में नया समीकरण: नबीन की नियुक्ति से बिहार में भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है, जिससे आगामी राज्य चुनावों में पार्टी को एक नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
नितिन नबीन: एक नज़र में
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जन्म: 23 मई 1980 (रांची)
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राजनीतिक अनुभव: 2006 से लगातार 5 बार बांकीपुर (बिहार) से विधायक।
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पिछली भूमिकाएं: बिहार सरकार में मंत्री, छत्तीसगढ़ चुनाव सह-प्रभारी, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष।
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