अयोध्या | सोमवार, 20 अप्रैल 2026
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में भक्ति और भव्यता का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राम मंदिर के परकोटे (आयताकार घेरा) के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में नवनिर्मित भगवान शिव के मंदिर पर आगामी 29 अप्रैल को भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अनुष्ठान के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे।
क्यों खास है यह आयोजन?
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर परिसर की आध्यात्मिक पूर्णता के लिए परकोटे के सभी पूरक मंदिरों पर ध्वजारोहण का संकल्प लिया है। शिव मंदिर का यह कार्यक्रम विशेष है क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो स्वयं नाथ संप्रदाय (शैव परंपरा) से आते हैं, इस अनुष्ठान को संपन्न करेंगे।
732 मीटर लंबे परकोटे की प्रगति:
परकोटे के आठ एकड़ क्षेत्र में कुल छह पूरक मंदिर निर्मित हैं। इनमें से चार मंदिरों—मां अन्नपूर्णा, सूर्य, हनुमान और गणेश मंदिर—पर ध्वजारोहण पहले ही सफलतापूर्वक संपन्न किया जा चुका है। शिव मंदिर के बाद अब केवल दो और महत्वपूर्ण स्थानों पर ध्वजारोहण शेष रहेगा।
आमंत्रण और अतिथियों की सूची
ट्रस्ट ने इस आयोजन को वृहद स्वरूप देने के लिए 1,000 से अधिक विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया है। आमंत्रण भेजने के लिए डिजिटल माध्यमों (WhatsApp) के साथ-साथ व्यक्तिगत कॉल का भी उपयोग किया जा रहा है। कार्यक्रम में निम्नलिखित संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे:
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भारतीय जनता पार्टी (BJP)
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
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विश्व हिंदू परिषद (VHP)
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अयोध्या के प्रतिष्ठित साधु-संत
श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था: दर्शन रहेंगे जारी
राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव ने स्पष्ट किया है कि उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
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निर्बाध दर्शन: कार्यक्रम शाम 5 बजे यज्ञशाला के समीप आयोजित होगा, जिससे दर्शन मार्ग प्रभावित नहीं होगा।
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सीएम का संबोधन: ध्वजारोहण के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वहां उपस्थित रामभक्तों को संबोधित भी करेंगे।
आगामी योजना: मई में पूर्ण होगा परकोटा अनुष्ठान
शिव मंदिर के बाद शेष बचे दो मंदिरों के लिए भी ट्रस्ट ने रूपरेखा तैयार कर ली है:
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मां दुर्गा मंदिर: इसके लिए साध्वी ऋतंभरा को आमंत्रित किया गया है।
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शेषावतार मंदिर: इसके लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को निमंत्रण भेजा गया है।
इन दोनों मंदिरों पर ध्वजारोहण मई 2026 में होने की प्रबल संभावना है, जिसकी तिथियां जल्द ही घोषित की जाएंगी।
ट्रस्ट का संदेश: “राम मंदिर न केवल एक स्थापत्य है, बल्कि यह सनातन संस्कृति के विभिन्न आयामों (शैव, शाक्त, वैष्णव) के मिलन का केंद्र है। शिव मंदिर पर ध्वजारोहण इसी एकता का प्रतीक है।”
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
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मुख्य आयोजन: शिव मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा का आरोहण।
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तिथि एवं समय: 29 अप्रैल 2026, शाम 5:00 बजे।
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अतिथि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित 1,000 से अधिक विशिष्ट मेहमान।
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स्थान: रामजन्मभूमि परिसर, गेट नंबर-2 (रंगमहल बैरियर) के पास।
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