शनिवार, सितंबर 19 2026 | 07:08:22 AM

धांधुका हत्याकांड: बाइक विवाद में धर्मेश भरवाड की हत्या से सुलग उठा अहमदाबाद, 2 मुख्य आरोपियों समेत 17 गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

अहमदाबाद | सोमवार, 20 अप्रैल 2026

गुजरात के अहमदाबाद जिले के धांधुका में मामूली बाइक विवाद ने एक भयावह रूप ले लिया है। शनिवार, 18 अप्रैल को एक 35 वर्षीय हिंदू युवक, धर्मेश भरवाड (गमारा) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। आक्रोशित भीड़ ने बाजार में तोड़फोड़ की और करीब 10 दुकानों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों सहित कुल 17 लोगों को हिरासत में लिया है।

विवाद की जड़: पार्किंग नहीं, ओवरटेकिंग और एक्सीडेंट

ताजा अपडेट के अनुसार, झगड़े की शुरुआत केवल पार्किंग को लेकर नहीं बल्कि सड़क पर बाइक ओवरटेकिंग और टक्कर से हुई थी। धर्मेश और दूसरे पक्ष के बीच बाइक टकराने को लेकर तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोपियों ने नसीब सोसाइटी के पास धर्मेश का रास्ता रोका, जहाँ समीर ने उन्हें पकड़ा और रिजवान ने चाकू से उनके पैर की नस काट दी। अत्यधिक खून बहने के कारण धर्मेश की अस्पताल में मौत हो गई।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मुख्य आरोपी गिरफ्तार

अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने हत्या के चंद घंटों के भीतर दोनों मुख्य आरोपियों को धर-दबोचा:

  1. रिजवान निजामभाई मनियार (जिसने चाकू से वार किया)

  2. समीर मोहम्मदभाई अमदानी (जिसने मृतक को पकड़ा था)

इसके अलावा, हत्या के बाद हुई आगजनी और दंगे के आरोप में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 15 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।

इलाके में ‘छावनी’ जैसा माहौल

घटना के बाद धांधुका में हालात बिगड़ते देख SP ओम प्रकाश जाट और रेंज आईजी राघवेंद्र वत्स भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात हैं। स्थिति को संभालने के लिए:

  • पूरे शहर में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

  • 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही है।

  • बाजार पूरी तरह बंद हैं और प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

इन धाराओं के तहत केस दर्ज

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है:

  • धारा 103(1): हत्या के लिए।

  • धारा 189, 191: दंगा और गैरकानूनी सभा (Rioting)।

  • धारा 351, 352: आपराधिक धमकी और शांति भंग करना।

  • गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 135: हथियार बंदी के आदेश का उल्लंघन।

नोट: प्रशासन ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है। पुलिस मामले की जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) के गठन पर भी विचार कर रही है ताकि त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।