मुंबई । सोमवार, 20 अप्रैल 2026
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक कार्यालय में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर मामले में मुख्य आरोपी निदा खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को नासिक स्थित सत्र न्यायालय (Sessions Court) ने निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें किसी भी तरह की अंतरिम राहत (Interim Relief) देने से साफ इनकार कर दिया है।
अदालत में क्या हुआ?
बचाव पक्ष के वकील राहुल कासलीवाल और बाबा सैयद ने अदालत में दलील दी कि निदा खान दो महीने की गर्भवती हैं और उन पर लगाए गए आरोप ऐसे हैं जिनमें सजा 7 साल से कम है। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि जब तक उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा दी जाए।
हालांकि, जिला न्यायाधीश के.जी. जोशी ने मामले की संवेदनशीलता और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इस मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि 27 अप्रैल तक उन्हें कोई अस्थायी सुरक्षा नहीं मिलेगी।
पीड़िता और SIT का रुख
शिकायतकर्ता पक्ष के वकील मिलिंद कुर्कुटे ने अदालत से अपना लिखित जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे मंजूर कर लिया गया। वर्तमान में इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) निदा खान की तलाश में महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों (मुंब्रा सहित) में छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कुल 8 आरोपी हैं, जिनमें से 7 को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और केवल निदा खान ही अब तक फरार हैं।
मामले की मुख्य बातें और नए खुलासे:
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TCS का बड़ा एक्शन: कंपनी ने गंभीरता दिखाते हुए 9 अप्रैल 2026 को ही निदा खान को सस्पेंड कर दिया था। निलंबन पत्र में स्पष्ट किया गया कि उन पर लगे आरोप कंपनी की नीतियों के खिलाफ और अत्यंत गंभीर हैं।
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गंभीर आरोप: प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, आरोपियों पर महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न करने, उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने, मांसाहार खिलाने और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप हैं।
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महिला आयोग की सक्रियता: महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी भी पिछले तीन दिनों से नासिक में मामले की जांच कर रही है।
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राजनीतिक मोड़: इस मामले ने महाराष्ट्र में राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है, जहाँ कई संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अगली सुनवाई पर सबकी नजर
अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी। उस दिन पुलिस अपनी रिपोर्ट पेश करेगी और शिकायतकर्ता का लिखित पक्ष भी सामने आएगा। चूंकि निदा खान के पास फिलहाल गिरफ्तारी से कोई सुरक्षा नहीं है, ऐसे में पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए कभी भी हिरासत में ले सकती है।
Matribhumisamachar


