मुंबई. भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को एक नई मजबूती देते हुए ईपीएफओ ने घोषणा की है कि अप्रैल 2026 से पीएफ निकासी (PF Withdrawal) के लिए BHIM UPI का उपयोग किया जा सकेगा। अब तक पीएफ का पैसा निकालने के लिए लंबी कागजी कार्रवाई या जटिल ऑनलाइन पोर्टल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, जिसमें पैसा बैंक खाते में आने में 3 से 10 दिन का समय लगता था।
1. कैसे काम करेगी यह नई व्यवस्था?
वर्तमान में, जब आप पीएफ निकासी के लिए आवेदन करते हैं, तो पैसा NEFT या RTGS के माध्यम से आपके लिंक किए गए बैंक खाते में भेजा जाता है। नई व्यवस्था के तहत:
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सदस्य अपने UAN (Universal Account Number) को अपनी UPI ID से लिंक कर सकेंगे।
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निकासी का दावा (Claim) स्वीकृत होते ही, पैसा सीधे UPI के जरिए रियल-टाइम में ट्रांसफर होगा।
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इसके लिए भीम (BHIM) ऐप के साथ विशेष एकीकरण (Integration) किया जा रहा है।
2. इस बदलाव के प्रमुख लाभ
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तत्काल भुगतान (Instant Transfer): एनईएफटी की प्रतीक्षा अवधि खत्म हो जाएगी। जैसे ही क्षेत्रीय कार्यालय से क्लेम पास होगा, पैसा आपके खाते में होगा।
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बिचौलियों की छुट्टी: कई बार कर्मचारी साइबर कैफे या एजेंटों के चक्कर काटते हैं। सीधा UPI लिंक होने से प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी।
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कम रिजेक्शन दर: अक्सर बैंक अकाउंट नंबर या IFSC कोड की गलती के कारण क्लेम रिजेक्ट हो जाते हैं। UPI आईडी के इस्तेमाल से बैंक विवरण की मानवीय त्रुटियां न्यूनतम हो जाएंगी।
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8 करोड़ सदस्यों को फायदा: यह सुविधा विशेष रूप से उन असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए वरदान होगी जो स्मार्टफोन का उपयोग तो करते हैं लेकिन जटिल बैंकिंग ऐप्स को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं।
3. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
डिजिटल लेन-देन में सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता होती है। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि:
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Two-Factor Authentication: निकासी के समय आधार-आधारित ओटीपी (OTP) और UPI पिन दोनों की आवश्यकता होगी।
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Verified UPI ID: केवल उसी बैंक खाते की UPI आईडी मान्य होगी जो सदस्य के UAN पोर्टल पर पहले से KYC सत्यापित (Verified) है।
4. तकनीकी अपग्रेड: ई-पासबुक में भी बदलाव
सिर्फ निकासी ही नहीं, बल्कि अब सदस्य अपने पीएफ बैलेंस और ब्याज का विवरण भी भीम ऐप के भीतर ‘मिनी स्टेटमेंट’ के रूप में देख सकेंगे। ईपीएफओ का लक्ष्य “वन नेशन, वन विंडो” की अवधारणा को साकार करना है।
ईपीएफओ द्वारा UPI को अपनाना इस बात का प्रमाण है कि भारत का वित्तीय ढांचा दुनिया में सबसे उन्नत हो रहा है। अप्रैल से शुरू होने वाली यह सेवा न केवल समय बचाएगी, बल्कि करोड़ों कर्मचारियों को उनके अपने ही पैसों पर त्वरित नियंत्रण प्रदान करेगी।
यदि आपने अभी तक अपना UAN पोर्टल पर KYC (आधार और बैंक विवरण) अपडेट नहीं किया है, तो इसे जल्द पूरा करें ताकि अप्रैल से आप इस नई सुविधा का लाभ उठा सकें।
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