लखनऊ. उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और इसकी सांस्कृतिक पहचान को संजोने के लिए हर साल 24 जनवरी को मनाया जाने वाला ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ इस बार बेहद खास होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 जनवरी 2026 को होने वाले मुख्य समारोह की तैयारियों की समीक्षा के लिए राजधानी लखनऊ में उच्च स्तरीय बैठक की।
मुख्यमंत्री का विजन स्पष्ट है— उत्तर प्रदेश को न केवल देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना, बल्कि इसे सांस्कृतिक और सामाजिक न्याय का मॉडल भी पेश करना।
2026 की थीम: “आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश, समृद्ध उत्तर प्रदेश”
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस वर्ष का आयोजन केवल सरकारी औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने इसे ‘जन-उत्सव’ बनाने का आह्वान किया। इस वर्ष की प्रदर्शनी और कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश का $1 ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर बढ़ता कदम होगा।
मुख्यमंत्री योगी के विजन के प्रमुख बिंदु:
1. ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) का वैश्विक प्रदर्शन:
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हर जिले के विशिष्ट उत्पादों (ODOP) के स्टॉल लगाए जाएं। इस बार डिजिटल हाट के माध्यम से इन उत्पादों को वैश्विक मंच पर भी पेश किया जाएगा, ताकि स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिल सकें।
2. महिला शक्ति और युवा प्रतिभा का सम्मान:
स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की उन महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने ‘मिशन शक्ति’ के तहत समाज में बदलाव लाया है। साथ ही, स्टार्टअप इंडिया के तहत सफल रहे यूपी के युवा उद्यमियों को भी मंच प्रदान किया जाएगा।
3. धार्मिक और पर्यटन पर्यटन का संगम:
अयोध्या में राम मंदिर के सफल संचालन, काशी विश्वनाथ धाम के कायाकल्प और प्रयागराज महाकुंभ 2025 की सफलता के बाद, इस बार स्थापना दिवस पर पर्यटन की नई संभावनाओं पर एक विशेष ‘टूरिज्म कॉन्क्लेव’ आयोजित किया जाएगा।
4. गांवों तक पहुंचेगा उत्सव:
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्थापना दिवस का उत्सव केवल लखनऊ या नोएडा तक सीमित न रहे। सभी 75 जिलों के ब्लॉक स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जाए।
सुरक्षा और तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता (स्वच्छ भारत मिशन) पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि ‘सेफ सिटी’ परियोजना के तहत प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर ड्रोन और एआई (AI) आधारित निगरानी की व्यवस्था की जाए।
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