कानपुर. सरकारी दफ्तरों में जनता के साथ दुर्व्यवहार करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार, 21 फरवरी 2026 को नरवल तहसील में आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ के दौरान जिलाधिकारी ने एक फरियादी के साथ बदसलूकी करने पर एसडीएम (SDM) के पेशकार की जमकर क्लास लगाई और उन्हें तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए।
भरी सभा में लगाई फटकार, कहा- ‘जनता से दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं’
घटना उस समय की है जब एक बुजुर्ग फरियादी अपनी समस्या लेकर अधिकारियों के पास पहुँचा था। वहां मौजूद एसडीएम के पेशकार ने सुधारात्मक रवैया अपनाने के बजाय फरियादी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पेशकार को सबके सामने तलब किया और कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारी और कर्मचारी जनता के सेवक हैं, उनके मालिक नहीं।
94 शिकायतों में से कई का मौके पर निस्तारण
नरवल तहसील में आयोजित इस समाधान दिवस में कुल 94 शिकायतें दर्ज की गईं। डीएम ने मौके पर ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों को बुलाकर शिकायतों की समीक्षा की और कई मामलों का तुरंत निस्तारण कराया।
राजस्व और अवैध कब्जे पर सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि:
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अवैध कब्जे: जमीनों पर अवैध कब्जे से जुड़े मामलों में मौके पर जाकर पैमाइश की जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।
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समय सीमा: लंबित प्रकरणों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर निपटाया जाए ताकि फरियादियों को बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें।
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संवेदनशीलता: सभी शिकायतों का निस्तारण कागजों के बजाय धरातल पर होना चाहिए।
“सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित और सम्मानजनक समाधान करना है। यदि कोई भी कर्मचारी फरियादी के साथ संवेदनहीनता दिखाएगा, तो उसके खिलाफ निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।”
— जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, कानपुर
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