लखनऊ. उत्तर प्रदेश को भारत का अगला डीप टेक (Deep Tech) पावरहाउस बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में IBM AI GovTech इनोवेशन सेंटर का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के ‘टेक्नोलॉजी विज़न’ को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अब केवल प्रशासनिक सुधारों तक सीमित नहीं है, बल्कि क्वांटम कंप्यूटिंग और एडवांस्ड AI के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने को तैयार है।
यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार, IIT कानपुर और IBM के बीच एक रणनीतिक त्रिकोणीय साझेदारी (Triple Helix Model) का परिणाम है, जिसका लक्ष्य राज्य में एक विश्वस्तरीय अत्याधुनिक तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करना है।
🔷 ट्रिपल हेलिक्स मॉडल: सरकार, उद्योग और शिक्षा का संगम
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश की $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनने की राह ‘डीप टेक’ से होकर गुजरती है। इस त्रिपक्षीय गठबंधन के माध्यम से राज्य निम्नलिखित क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनेगा:
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क्वांटम एल्गोरिद्म डेवलपमेंट: जटिल समस्याओं को सेकंडों में हल करने की क्षमता।
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AI-आधारित गवर्नेंस: सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया।
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हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC): वैज्ञानिक अनुसंधान और मौसम पूर्वानुमान में क्रांतिकारी बदलाव।
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साइबर-फिजिकल सिस्टम्स: उद्योग 4.0 के लिए स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग समाधान।
🔷 नोएडा बनेगा ‘क्वांटम हब’: स्टार्टअप्स को मिलेगी नई उड़ान
IIT कानपुर का नोएडा परिसर अब एक समर्पित Quantum Computing Facility का केंद्र होगा। इस परियोजना की खास बातें:
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इन्फ्रास्ट्रक्चर: राज्य सरकार विश्व स्तरीय भवन और बुनियादी ढांचा प्रदान करेगी।
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क्वांटम क्लाउड एक्सेस: यूपी के स्टार्टअप्स और MSMEs को महंगे क्वांटम हार्डवेयर खरीदने की जरूरत नहीं होगी; वे क्लाउड के जरिए इस तकनीक का उपयोग कर सकेंगे।
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इंडस्ट्री कोलैबोरेशन: IBM और अन्य वैश्विक दिग्गज यहाँ सिमुलेशन लैब्स स्थापित करेंगे।
🔷 ‘डीप टेक पॉलिसी 2035’: भविष्य का रोडमैप
सितंबर 2025 में आयोजित DeepTech Bharat सम्मेलन में लॉन्च की गई Deep Tech Policy 2035 अब धरातल पर उतर रही है। इस नीति का मुख्य लक्ष्य Global Innovation Index में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में सुधार करना और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) निवेश को 300% तक बढ़ाना है। यह नीति विशेष रूप से ‘टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ (प्रयोगशाला से बाजार तक) पर केंद्रित है।
🔷 ₹720 करोड़ का नेशनल क्वांटम मिशन (NQM)
भारत सरकार के National Quantum Mission के तहत IIT कानपुर को ₹720 करोड़ की लागत से बनने वाली चार ‘क्वांटम फैब्रिकेशन’ सुविधाओं में से एक के लिए चुना गया है। यह केंद्र निम्नलिखित क्षेत्रों में गेम-चेंजर साबित होगा:
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रक्षा (Defense): अभेद्य क्वांटम संचार और रडार प्रणाली।
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स्वास्थ्य (Healthcare): प्रिसीजन मेडिसिन और ड्रग डिस्कवरी।
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स्पेस टेक: अंतरिक्ष अभियानों के लिए सटीक माप उपकरण (Precision Measurement)।
🔷 स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) का विस्तार
IIT कानपुर का SIIC अब स्टार्टअप्स को केवल मेंटरशिप ही नहीं, बल्कि क्वांटम-सक्षम साइबर सुरक्षा और एडवांस्ड मटेरियल डिजाइन जैसे क्षेत्रों में ग्लोबल एक्सपोजर दिलाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के युवा अब ‘जॉब सीकर’ नहीं बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बन रहे हैं।
💡 तकनीकी क्रांति का नया अध्याय
IBM AI GovTech सेंटर का उद्घाटन महज एक इमारत की शुरुआत नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य की नींव है। एडवांस्ड AI और क्वांटम तकनीक के मेल से उत्तर प्रदेश न केवल भारत का, बल्कि वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक अनिवार्य हिस्सा बनने जा रहा है।
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