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OTT रिलीज धमाका: मस्ती 4 और तेरे इश्क में की विस्तृत समीक्षा, जानें कौन सी फिल्म है पैसा वसूल?

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. आज यानी 23 जनवरी 2026 को ओटीटी प्लेटफार्म्स पर दो बड़ी फिल्में दस्तक दे रही हैं। एक तरफ जहां ‘मस्ती 4’ अपनी पुरानी कॉमेडी फ्रेंचाइजी के साथ हंसी का तड़का लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ ‘तेरे इश्क में’ के जरिए आनंद एल राय एक बार फिर ‘राझंणा’ वाली रूहानी मोहब्बत की याद ताजा कर रहे हैं।

1. मस्ती 4 (Masti 4) – ZEE5

रेटिंग: ⭐⭐ (2/5)

कलाकार: रितेश देशमुख, विवेक ओबेरॉय, आफताब शिवदासानी, अरशद वारसी और नरगिस फाखरी।

निर्देशक: मिलाप जावेरी

कहानी और समीक्षा:

फ्रेंचाइजी की चौथी किस्त ‘अमर, प्रेम और मीत’ की उसी पुरानी तिकड़ी को वापस लाती है, जो अपनी शादीशुदा जिंदगी से ऊब चुके हैं। इस बार कहानी में ‘लव वीजा’ का नया कॉन्सेप्ट जोड़ा गया है, जो उन्हें एक हफ्ते के लिए ‘बाहर मुंह मारने’ की आजादी देता है।

  • प्लस पॉइंट्स: रितेश, विवेक और आफताब की केमिस्ट्री आज भी वैसी ही है। अरशद वारसी की एंट्री कुछ दृश्यों में जान फूंकती है।

  • कमजोर कड़ियाँ: फिल्म के चुटकुले आउटडेटेड और कई जगह फूहड़ लगते हैं। निर्देशन में नयापन की कमी है और कहानी बहुत ही प्रेडिक्टेबल (पूर्वानुमानित) है। यह फिल्म केवल उन लोगों के लिए है जो बिना दिमाग लगाए ‘एडल्ट कॉमेडी’ देखना पसंद करते हैं।

2. तेरे इश्क में (Tere Ishk Mein) – Netflix

रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐ (4/5)

कलाकार: धनुष, कृति सेनन, प्रकाश राज और मोहम्मद जीशान अय्यूब।

निर्देशक: आनंद एल राय

कहानी और समीक्षा:

‘राझंणा’ के 13 साल बाद आनंद एल राय और धनुष की जोड़ी वापस लौटी है। फिल्म की कहानी शंकर (धनुष) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक एयरफोर्स पायलट है लेकिन अपने गुस्से और जुनून के कारण मुश्किलों में रहता है। कृति सेनन (मुक्ति) एक मनोवैज्ञानिक के रूप में उनकी जिंदगी में आती हैं।

  • प्लस पॉइंट्स: धनुष की एक्टिंग एक मास्टरक्लास है। उनकी आंखों में वही पागलपन और जुनून दिखता है जो कुंदन में था। कृति सेनन ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया है। ए.आर. रहमान का संगीत फिल्म की आत्मा है, जो आपको भावनाओं के समंदर में ले जाता है।

  • कमजोर कड़ियाँ: फिल्म की लंबाई (करीब 3 घंटे) थोड़ी ज्यादा महसूस होती है और सेकंड हाफ में पटकथा थोड़ी धीमी हो जाती है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।