लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सोमवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पंजाब के लुधियाना से बिहार के दरभंगा जा रही एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 16 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हैं।
तेज रफ्तार और नींद की झपकी बनी काल
यह हादसा गोसाईगंज थाना क्षेत्र के खेमा खेड़ा गांव के पास किलोमीटर संख्या 11 पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, बस की रफ्तार काफी अधिक थी। बताया जा रहा है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके कारण वह वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और बस डिवाइडर से टकराते हुए एक्सप्रेस-वे पर ही पलट गई।
हादसे के वक्त बस में सवार अधिकांश यात्री सो रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और चीख-पुकार मच गई।
राहत एवं बचाव कार्य: प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय राहगीरों ने पुलिस को सूचित किया। गोसाईगंज पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
-
अस्पताल और इलाज: घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया।
-
हायर सेंटर रेफर: गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के SGPGI (संजय गांधी पीजीआई) और KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) में भर्ती कराया गया है।
-
अधिकारियों का दौरा: हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) विशाख जी और पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर ने खुद अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और उचित इलाज के निर्देश दिए।
मृतकों की पहचान और हताहतों का विवरण
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) निपुण अग्रवाल के मुताबिक, मृतकों में:
-
एक महिला
-
एक पुरुष
-
तीन मासूम बच्चे शामिल हैं।
प्रशासन फिलहाल मृतकों और घायलों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है ताकि शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की जा सके। अधिकांश यात्री बिहार के दरभंगा और आसपास के जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो लुधियाना में मजदूरी या निजी काम करते थे।
एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते हादसों ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और लंबी दूरी की बसों के ड्राइवरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
-
ओवरस्पीडिंग: एक्सप्रेस-वे पर निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन अक्सर जानलेवा साबित होता है।
-
थकान (Driver Fatigue): लुधियाना से बिहार तक का सफर लंबा होता है, ऐसे में पर्याप्त आराम न मिलने के कारण ड्राइवर को नींद आना हादसों का मुख्य कारण बन रहा है।
नोट: यदि आप इस मार्ग पर यात्रा कर रहे हैं, तो कृपया गति सीमा का पालन करें और रात या लंबी दूरी के सफर में ड्राइवर की सजगता का ध्यान रखें।
Matribhumisamachar


