बुधवार, अप्रैल 15 2026 | 01:00:55 AM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / मुजफ्फरनगर में ‘लालच वाला धर्मांतरण’ नाकाम: चरथावल पुलिस ने साजिशकर्ता को दबोचा, कड़े कानून के तहत कार्रवाई

मुजफ्फरनगर में ‘लालच वाला धर्मांतरण’ नाकाम: चरथावल पुलिस ने साजिशकर्ता को दबोचा, कड़े कानून के तहत कार्रवाई

Follow us on:

मुजफ्फरनगर | मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में पुलिस ने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। चरथावल थाना पुलिस ने ‘आर्थिक मदद’ के बहाने एक पंजाबी परिवार की युवती और बच्चे का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश करने वाले एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत हुई है।

मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया गया जाल

पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सदर के दिशा-निर्देशों पर चरथावल थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। उपनिरीक्षक गोविंद चौधरी को मुखबिर से सूचना मिली कि धर्मांतरण मामले का वांछित आरोपी ग्राम कसौली-कुटेसरा रजवाहा मार्ग के पास मौजूद है। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए घेराबंदी की और आरोपी गुफरान (पुत्र अख्तर हसन) को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

गरीबी का फायदा उठाने की कोशिश: क्या है पूरा मामला?

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम कसौली निवासी सुरेशपाल सिंह ने थाने में तहरीर दी। शिकायत के अनुसार:

  • आरोपी गुफरान ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर एक पंजाबी परिवार को निशाना बनाया।

  • परिवार की आर्थिक तंगी का फायदा उठाते हुए युवती और एक मासूम बच्चे को धन और आर्थिक सहायता का लालच दिया गया।

  • लालच की आड़ में उन पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा था।

  • इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और हिंदू समुदाय ने अपनी धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया।

यूपी का सख्त कानून: अब आजीवन कारावास तक का प्रावधान

उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम’ को अब पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया है। नवीनतम संशोधनों के अनुसार:

  1. कठोर सजा: प्रलोभन, बल प्रयोग या धोखाधड़ी से धर्मांतरण कराने पर अब 20 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

  2. गैर-जमानती अपराध: इस अधिनियम के तहत दर्ज मामले अब पूरी तरह से गैर-जमानती हैं।

  3. आर्थिक दंड: प्रलोभन देने के मामलों में भारी जुर्माने का भी प्रावधान है, जिसे पीड़िता को हर्जाने के रूप में दिया जा सकता है।

पुलिस टीम की सराहना

इस त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक गोविंद चौधरी और हेड कांस्टेबल सोनू ने मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस अब इस मामले में गुफरान के अन्य साथियों की तलाश कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस साजिश के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट या विदेशी फंडिंग तो शामिल नहीं है।

अस्वीकरण: यह समाचार रिपोर्ट प्राप्त प्रारंभिक सूचनाओं और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है। मामले की विधिक जांच अभी जारी है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: यूपी के 750 श्रद्धालु करेंगे निःशुल्क ज्योतिर्लिंग दर्शन, योगी सरकार ने शुरू की भव्य तैयारी

लखनऊ | सोमवार, 14 अप्रैल 2026 उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ …