संभल | गुरुवार, 23 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के चर्चित संभल शाही जामा मस्जिद – श्रीहरिहर मंदिर सर्वे के दौरान 24 नवंबर 2024 को भड़की हिंसा मामले में पुलिस और प्रशासन का कड़ा रुख जारी है। इस हिंसा के मुख्य आरोपियों में शामिल वारिस के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका / NSA) के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारिस ने न केवल भीड़ को उकसाया, बल्कि हिंसा के दौरान अवैध हथियार मुहैया कराने और हत्या की साजिश रचने में मुख्य भूमिका निभाई।
संभल के क्षेत्राधिकारी (CO) कुलदीप कुमार ने पुष्टि की है कि वारिस के खिलाफ रासुका की यह कार्रवाई लगभग एक महीने पहले अमल में लाई गई थी।
दुबई से संचालित हो रहा था हिंसा का नेटवर्क!
पुलिस जांच के अनुसार, वारिस फरार चल रहे कुख्यात गैंगस्टर शारिक साठा का बेहद करीबी माना जाता है। शारिक साठा फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में छिपा हुआ है, जिसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय पुलिस एजेंसी इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस और लुकआउट सर्कुलर जारी किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश पुलिस का दावा है कि हिंसा की पूरी पटकथा दुबई में बैठकर लिखी गई थी। वारिस से पहले अक्टूबर 2025 में मुल्ला अफरोज और उसके बाद गुलाम पर भी एनएसए (NSA) लगाया जा चुका है। ये तीनों आरोपी शारिक साठा गैंग के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहे थे।
प्रमुख बिंदु:
पुलिस और एसआईटी (SIT) की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने स्थानीय युवाओं को भड़काकर क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की गहरी साजिश रची थी।
यूपी विधानसभा में पेश होगी ऐतिहासिक न्यायिक जांच रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र के दौरान 24 नवंबर 2024 की संभल हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी।
यह रिपोर्ट केवल 2024 के घटनाक्रम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संभल के पिछले 88 वर्षों के सांप्रदायिक इतिहास का गहन विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में वर्ष 1936, 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001, 2019 और 2024 में हुए प्रमुख दंगों एवं सांप्रदायिक तनावों की घटनाओं का विशेष रूप से उल्लेख है।
इस जांच रिपोर्ट के सार्वजनिक होने से संभल में समय-समय पर उत्पन्न होने वाली सांप्रदायिक परिस्थितियों और उनके पीछे के कारणों पर महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
ऑल्ट इमेज टेक्स्ट (Alt Image Text for Media)
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Alt Text 1: संभल शाही जामा मस्जिद परिसर सुरक्षा बल तैनात
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Alt Text 2: यूपी पुलिस संभल हिंसा आरोपी कार्रवाई एनएसए
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. संभल हिंसा मामले में आरोपी वारिस पर क्या आरोप हैं?
उत्तर: वारिस पर 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भीड़ को उकसाने, उपद्रवियों को हथियार उपलब्ध कराने और हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
2. संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा की वर्तमान स्थिति क्या है?
उत्तर: गैंगस्टर शारिक साठा फिलहाल दुबई में छिपा हुआ है। उसकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर और लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं तथा पुलिस उसकी संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई कर रही है।
3. अब तक संभल हिंसा के किन-किन मुख्य आरोपियों पर NSA लगाया जा चुका है?
उत्तर: इस मामले में अब तक तीन प्रमुख आरोपियों—मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख प्राप्त समाचार इनपुट्स, पुलिस बयानों एवं आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। किसी भी कानूनी या न्यायिक निष्कर्ष के लिए संबंधित अदालत व जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट ही अंतिम मानी जाएगी।
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