कानपुर. शहर में अवैध निर्माण और बिना स्वीकृत लेआउट के बेची जा रही जमीनों पर कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत, केडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने शहर के कई प्राइम लोकेशंस पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों को मलबे में तब्दील कर दिया।
न्यू कानपुर सिटी योजना: 21 बीघा जमीन पर ध्वस्तीकरण
केडीए की सबसे बड़ी कार्रवाई न्यू कानपुर सिटी योजना के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में देखने को मिली। यहाँ भू-माफियाओं द्वारा बिना किसी कानूनी स्वीकृति के लगभग 21 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी।
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क्या-क्या हुआ ध्वस्त: प्रवर्तन टीम ने मौके पर बनाई गई कच्ची-पक्की सड़कों, बिजली के खंभों, अवैध बाउंड्रीवाल और साइट ऑफिस को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया।
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प्रशासनिक मुस्तैदी: कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी प्रकार के विरोध को रोका जा सके।
इन इलाकों में गरजा बाबा का बुलडोजर
प्रवर्तन जोन-1बी की टीम ने एक संयुक्त अभियान चलाकर शहर के बाहरी और विकसित हो रहे इलाकों में अवैध कब्जों को निशाना बनाया:
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प्रतापपुरी हरी एवं भगवानपुरवा: यहाँ बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें मिल रही थीं।
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कटरी ख्यौरा: गंगा बैराज से सटे इस कीमती इलाके में बिना लेआउट पास कराए काटी जा रही कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई की गई।
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कल्याणपुर और बिठूर: इन क्षेत्रों में केडीए ने कई बिल्डरों को नोटिस जारी किए हैं और अवैध निर्माण को तुरंत रोकने के आदेश दिए हैं।
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हिंदूपुर: यहाँ भी अवैध रूप से विकसित हो रही कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
निवेशकों के लिए केडीए की सख्त चेतावनी
केडीए सचिव और उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि जो लोग बिना स्वीकृत लेआउट के प्लॉट बेच रहे हैं, उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि:
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किसी भी कॉलोनी में निवेश करने से पहले KDA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लेआउट की जांच जरूर करें।
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कृषि भूमि पर बिना लैंड-यूज चेंज (143 की कार्रवाई) कराए प्लॉट न खरीदें।
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सस्ते प्लॉट के चक्कर में भू-माफियाओं के झांसे में न आएं, क्योंकि अवैध निर्माण कभी भी ढहाया जा सकता है।
“अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान रुकने वाला नहीं है। हमने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जहाँ भी बिना नक्शा पास कराए प्लॉटिंग होगी, वहाँ बुलडोजर चलेगा।” — केडीए प्रवर्तन अधिकारी
क्यों हो रही है यह कार्रवाई?
शहर के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के लिए केडीए अब डिजिटल मैपिंग और ड्रोन सर्वे का सहारा ले रहा है। अवैध कॉलोनियों के कारण शहर की ड्रेनेज व्यवस्था, बिजली और सड़कों का बुनियादी ढांचा प्रभावित होता है, जिससे भविष्य में वहां रहने वाले लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
कानपुर लोकल न्यूज़: मातृभूमि समाचार – कानपुर
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